खेल विकास, युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित रहेगा कार्यक्रम; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को करेंगे संबोधित
टिहरी गढ़वाल, 25 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर इस वर्ष देशभर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में जनपद टिहरी गढ़वाल में भी 27 अगस्त को युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी एवं देश के गौरव मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस को युवा सहभागिता, खेल विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
देशभर के 1600 स्थानों से जुड़ेंगे 8 लाख से अधिक युवा
‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि 27 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के लगभग 1,600 स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य देश के युवा खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना तथा खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को मजबूत करना है।
टिहरी के दो महाविद्यालयों में होगा कार्यक्रम
जनपद टिहरी गढ़वाल में कार्यक्रम का आयोजन श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, चंबा तथा गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज चन्द्रभदनी में किया जाएगा।
कार्यक्रम में अतिथियों एवं युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे तक सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री के संबोधन के पश्चात स्थानीय स्तर पर युवा संवाद और खेल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
12 वर्षों में खेल क्षेत्र में हुए बदलावों पर होगी चर्चा
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को पिछले लगभग 12 वर्षों में देश में खेलों के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा विकसित हो रहे खेल पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी दी जाएगी।
साथ ही युवाओं से खेल एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर उनके विचार, सुझाव और आकांक्षाएं भी प्राप्त की जाएंगी।
माय भारत स्वयंसेवकों और खिलाड़ियों के बीच संवाद
स्थानीय कार्यक्रम में माय भारत स्वयंसेवकों, माय भारत एनएसएस एवं स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान देश में विकसित हो रहे खेल इकोसिस्टम, जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके बाद लगभग 15 मिनट का युवा संवाद आयोजित होगा, जिसमें प्रतिभागियों को अपने विचार, सुझाव एवं भविष्य की आकांक्षाएं साझा करने का अवसर मिलेगा।
चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा युवा संवाद
युवा संवाद में मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र में रखा जाएगा—
1. खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना:
जमीनी स्तर तक बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण, कोचिंग और खेल के अवसर पहुंचाने पर चर्चा होगी।
2. 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा निर्माण:
युवा प्रतिभाओं की वैज्ञानिक पहचान, प्रशिक्षण और खिलाड़ी विकास की प्रभावी व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
3. युवा नेतृत्व एवं शासन में भागीदारी:
युवाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे लाने तथा शासन एवं सामाजिक विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी।
4. विकसित भारत के लिए युवा सशक्तीकरण:
युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल, स्वयंसेवा, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
QR कोड के माध्यम से दे सकेंगे सुझाव
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को अपने विचार एवं सुझाव QR कोड के माध्यम से साझा करने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही प्रतिभागियों को कार्यक्रम स्थल पर VBYLD क्विज राउंड में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इससे कार्यक्रम केवल एकतरफा संबोधन तक सीमित न रहकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी वाला संवाद मंच बनेगा।
खेलों के साथ राष्ट्र निर्माण से जुड़ेंगे युवा
‘खेलो इंडिया संवाद’ की यह पहल खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेष रूप से 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा निर्माण, जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार और युवाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषय आने वाले वर्षों में भारत के खेल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
टिहरी के दो महाविद्यालयों में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के खेल संवाद से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को न केवल खेल क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने का भी अवसर मिलेगा।
