हिमवंत प्रतियोगी कक्षाओं में विद्यार्थियों की बढ़ी भागीदारी, विशेषज्ञ शिक्षकों से मिल रहा विषयवार मार्गदर्शन
इतिहास, भूगोल और उत्तराखंड सामान्य अध्ययन की नियमित कक्षाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिल रहा नया आयाम
नागनाथ पोखरी/25 अगस्त, 2026। हिमवंत कवि चंद्र कुँवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नागनाथ पोखरी में संचालित ‘हिमवंत प्रतियोगी कक्षाओं’ में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं नियमित रूप से कक्षाओं में प्रतिभाग कर विशेषज्ञ शिक्षकों से विषयवार मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
महाविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक विषयगत ज्ञान, सामान्य अध्ययन, अवधारणात्मक समझ और परीक्षा-केंद्रित तैयारी उपलब्ध कराना है।
इतिहास की महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन
प्रतियोगी कक्षाओं के अंतर्गत डॉ. शिवचंद सिंह रावत ने विद्यार्थियों को इतिहास विषय का विस्तृत अध्ययन कराया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं, अवधारणाओं और विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इतिहास जैसे विषय में तथ्यों के साथ घटनाओं के क्रम और उनके कारणों को समझना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कक्षा में इसी दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों को विषय की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
भूगोल में महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर जोर
श्री चंदन सिंह ने भूगोल विषय की महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले विभिन्न भूगोल संबंधी विषयों को समझाते हुए विद्यार्थियों को व्यवस्थित ढंग से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विषय को केवल तथ्यों तक सीमित रखने के बजाय अवधारणाओं को समझकर तैयारी करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थी विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को बेहतर ढंग से हल कर सकें।
उत्तराखंड सामान्य अध्ययन पर विशेष फोकस
वहीं श्री चंद्रेश प्रसाद ने उत्तराखंड सामान्य अध्ययन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी प्रदान की। उत्तराखंड की भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं समसामयिक विशेषताओं से संबंधित विषय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को उत्तराखंड सामान्य अध्ययन के विभिन्न पहलुओं को नियमित रूप से पढ़ने और समसामयिक घटनाओं से स्वयं को अपडेट रखने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा के मार्गदर्शन में पहल
‘हिमवंत प्रतियोगी कक्षाओं’ का मार्गदर्शन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा द्वारा किया जा रहा है। महाविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महाविद्यालय स्तर पर ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल कक्षाओं में सहभागिता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, पुनरावृत्ति, अभ्यास और समय प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।
नियमित अध्ययन से सफलता की राह
प्रतियोगी कक्षाओं का सफल संचालन डॉ. प्रवीण मैठाणी, डॉ. आयुष बर्त्वाल, डॉ. अनुपम रावत एवं डॉ. केवला नन्द के निर्देशन में किया जा रहा है।
महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रतियोगी कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिलेगा और वे अपने ज्ञान एवं क्षमता को बेहतर तरीके से विकसित कर सकेंगे।
हिमवंत प्रतियोगी कक्षाएं महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए केवल अतिरिक्त अध्ययन का माध्यम नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के साथ रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में सामने आ रही हैं। नियमित कक्षाओं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का यह समन्वय निश्चित रूप से उन्हें भविष्य की प्रतियोगी चुनौतियों के लिए अधिक तैयार करने में सहायक हो सकता है।
