अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी दिवस पर जड़ीपानी में विधिक सेवा शिविर, छात्रों को दी कानून की जानकारी
सुरकंडा इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में साइबर अपराध, पॉक्सो, बाल संरक्षण, नशा और घरेलू हिंसा समेत विभिन्न कानूनी विषयों पर जागरूक किया गया
जड़ीपानी/चंबा, टिहरी गढ़वाल, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’। अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी दिवस के अवसर पर सुरकंडा इंटर कॉलेज, जड़ीपानी में विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश नितिन शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीनियर सिविल जज दयाराम ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एम.एल. डबराल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं उनकी टीम का स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।
‘दूसरे के दुख-दर्द को समझना ही मानवता’
शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सचिव दयाराम ने कहा कि दूसरे के दुख-दर्द को समझना और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना ही वास्तविक मानवता है।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह दिवस मानवता की सेवा में जुटे लोगों और उनके कार्यों को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से संवेदनशीलता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को बताए महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार
सचिव दयाराम ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है, क्योंकि कानूनी जागरूकता व्यक्ति को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने में सक्षम बनाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपराध एवं अपराध की प्रकृति, किशोर न्याय व्यवस्था, साइबर सुरक्षा कानून, पॉक्सो एक्ट, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और बाल संरक्षण कानून सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, घरेलू हिंसा, बाल अपराध और साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया।
नालसा हेल्पलाइन और सड़क सुरक्षा कानून की जानकारी
रिटेनर अधिवक्ता राजपाल मियां ने विद्यार्थियों को राहवीर योजना, नालसा हेल्पलाइन, सड़क सुरक्षा एवं यातायात कानून तथा साइबर क्राइम से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं कानून के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी दें।
लोक अदालत से आपसी सहमति से विवादों का समाधान
स्थायी लोक अदालत के सदस्य अधिवक्ता एल.पी. उनियाल ने लोक अदालतों के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत एक प्रभावी न्यायिक व्यवस्था है।
उन्होंने विद्यार्थियों को न्यायालयों पर अनावश्यक बोझ कम करने तथा विवादों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने में लोक अदालत की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम में कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने अपनी कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक संवेदनशीलता, मानवता और न्याय व्यवस्था के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविरों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और न्यायिक व्यवस्था की बारीकियों को समझने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गीता डबराल, अधिकार मित्र गुड्डी रावत, सोबन सिंह पुंडीर, नरेंद्र राणा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विधिक सेवा शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ मानवता, संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित नागरिक जीवन का संदेश दिया गया।
