उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को मिली रफ्तार, 202 में से 71 लक्ष्य पूरे
प्री-प्राइमरी शिक्षा पर विशेष फोकस, सभी 5982 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बालवाटिकाओं का संचालन; 14 मॉडल बालवाटिकाएं स्थापित
देहरादून | 21 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी डिजिटल मीडिया
उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में विद्यालयी शिक्षा विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। भारत सरकार के ‘सार्थक ट्रैकर’ पर विद्यालयी शिक्षा विभाग को सौंपे गए 202 लक्ष्यों में से 71 लक्ष्य पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि 111 लक्ष्यों पर युद्ध स्तर पर कार्य जारी है। शेष 20 लक्ष्यों पर भारत सरकार से दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों और टीम वर्क का परिणाम बताते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
प्री-प्राइमरी शिक्षा बनी प्राथमिकता
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की निदेशक वंदना गब्र्याल ने बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद राज्य में प्री-प्राइमरी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
इसी क्रम में—
- एससीईआरटी एवं सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) में कुल 14 मॉडल बालवाटिकाएं स्थापित की गई हैं।
- राज्य के 5982 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बालवाटिकाओं का सफल संचालन किया जा रहा है।
11 हजार से अधिक शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला प्रशिक्षण
बालवाटिका कक्षाओं के प्रभावी संचालन के लिए राज्यभर में 11,196 आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों, शिक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों को दो चरणों में वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को आनंददायक एवं गतिविधि-आधारित बनाने के उद्देश्य से सभी प्राथमिक विद्यालयों में ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया गया है, जिसमें—
- 27 प्रकार के खिलौने
- 13 प्रकार की शिक्षण सामग्री
शामिल हैं।
साथ ही सभी विद्यालयों में स्कूल रेडीनेस मॉड्यूल ‘आरोही’ भी लागू किया गया है।
निपुण भारत मिशन को भी मिली गति
राज्य में निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से संबंधित अध्ययन सामग्री विकसित कर विद्यालयों में पढ़ाई जा रही है।
इनकी नियमित निगरानी ‘प्रगति ऐप’ के माध्यम से की जा रही है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान
शिक्षा विभाग ने विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
अब तक—
- 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 3,198 ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर ब्रिज कोर्स के माध्यम से पुनः विद्यालयों से जोड़ा गया।
- 5,086 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में से 354 बच्चों को गृह-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई गई।
राज्य पाठ्यचर्या भी तैयार
वंदना गब्र्याल ने बताया कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की अनुशंसाओं के अनुरूप राज्य की नई पाठ्यचर्या तैयार कर ली गई है।
इसके अलावा—
- कौशल आधारित शिक्षक प्रशिक्षण
- समावेशी एवं समतामूलक शिक्षा
- विद्यालयों में आधारभूत एवं मानवीय संसाधनों का विकास
- माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार
- बहुभाषिकता को बढ़ावा
- डिजिटल एवं ऑनलाइन शिक्षा
- उल्लास कार्यक्रम
से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य
एससीईआरटी की निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और सभी संबद्ध संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से शेष लक्ष्यों को भी निर्धारित समय में पूरा कर उत्तराखंड को नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री का बयान
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा—
“उत्तराखंड सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करने में जुटी है। ‘सार्थक ट्रैकर’ पर शिक्षा विभाग के लिए निर्धारित 202 लक्ष्यों में से 71 लक्ष्यों का पूर्ण होना हमारी टीम वर्क का प्रमाण है। हमारी प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा पहुंचाना है।”
मुख्य बिंदु (Highlights)
- ✅ NEP-2020 के 202 लक्ष्यों में से 71 पूरे।
- ✅ 111 लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी।
- ✅ सभी 5982 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में बालवाटिकाओं का संचालन।
- ✅ SCERT और 13 DIETs में 14 मॉडल बालवाटिकाएं स्थापित।
- ✅ 11,196 शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण।
- ✅ 3,198 ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा गया।
- ✅ ‘जादुई पिटारा’ और ‘आरोही’ मॉड्यूल लागू।
