उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल पर विशेष फोकस, राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने साझा की उपलब्धियां
क्लस्टर स्कूल, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और 100% जीईआर लक्ष्य पर सरकार का जोर; समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र के समक्ष रखे महत्वपूर्ण सुझाव
नई दिल्ली/देहरादून | 23 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी डिजिटल मीडिया
उत्तराखंड सरकार राज्य में नवाचार आधारित, समावेशी और तकनीक-संचालित शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। यह बात विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित समग्र शिक्षा अभियान की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
नई दिल्ली स्थित आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC) में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुलभ, प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
आधारभूत सुविधाओं में उत्तराखंड की उल्लेखनीय उपलब्धियां
डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत उत्तराखंड ने विद्यालयी आधारभूत सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के—
- 99.53% विद्यालयों में विद्यालय भवन उपलब्ध हैं।
- 99.45% विद्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध है।
- 96.83% विद्यालयों में विद्युत सुविधा उपलब्ध है।
- 98.23% विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध है।
- 94.64% विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित हैं।
- 87.83% विद्यालयों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप की सुविधा उपलब्ध है।
- 100% विद्यालयों में बालिका शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है।
क्लस्टर स्कूल और स्मार्ट शिक्षा पर सरकार का फोकस
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में—
- 1238 क्लस्टर स्कूलों का विकास,
- 1367 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना,
- 1340 वर्चुअल क्लासरूम का संचालन,
जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल आधारित शिक्षा पर भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की पहल
डॉ. रावत ने कहा कि पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों तथा परिवहन सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।
100 प्रतिशत जीईआर और आपार आईडी का लक्ष्य
बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (GER) को 100 प्रतिशत तक पहुंचाने की राज्य सरकार की रणनीति से भी अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में—
- माध्यमिक स्तर पर GER 93.4 प्रतिशत
- उच्च माध्यमिक स्तर पर GER 80.2 प्रतिशत
तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक विद्यार्थी की 100 प्रतिशत आपार (APAAR) आईडी तैयार करना और शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है।
हर विद्यार्थी को मिलेगा एक कौशल
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कक्षा 12 तक पहुंचने वाला प्रत्येक छात्र कम से कम एक व्यावसायिक कौशल में दक्ष हो।
इसी उद्देश्य से प्रदेश के 1000 से अधिक विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा संचालित की जा रही है।
शिक्षक प्रशिक्षण और उत्कृष्टता केंद्रों का विकास
उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए डायट (DIET) संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसके साथ ही एससीईआरटी (SCERT) द्वारा शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
सौर ऊर्जा और डिजिटल शिक्षा पर भी जोर
बैठक में डॉ. रावत ने विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, लर्निंग आउटकम में सुधार, डिजिटल संसाधनों के विस्तार तथा व्यावसायिक शिक्षा के प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों से समग्र शिक्षा अभियान के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- ✅ उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल विकसित करने पर विशेष फोकस।
- ✅ 1238 क्लस्टर स्कूल और 1367 स्मार्ट कक्षाओं का विकास।
- ✅ 1340 वर्चुअल क्लासरूम संचालित।
- ✅ माध्यमिक स्तर पर GER 93.4% और उच्च माध्यमिक स्तर पर 80.2%।
- ✅ प्रत्येक छात्र को कम से कम एक कौशल देने का लक्ष्य।
- ✅ 100% APAAR ID और डिजिटल शिक्षा पर विशेष जोर।
