AI Image: उत्तराखण्ड में शिक्षा का बड़ा बदलाव: 23 लाख से अधिक निःशुल्क किताबें रिकॉर्ड समय में वितरित
📚 25 वर्षों में पहली बार सत्र शुरू होते ही छात्रों को मिली किताबें, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की पहल लाई रंग
देहरादून, 10 अप्रैल 2026।
उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। पहली बार नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के मात्र एक सप्ताह के भीतर प्रदेशभर के विद्यालयों में 23,71,789 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें छात्र-छात्राओं को वितरित कर दी गई हैं।
यह उपलब्धि विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व और सख्त मॉनिटरिंग का परिणाम मानी जा रही है।
📖 समय पर किताबें, पढ़ाई में तेजी
शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराए जाने से—
- 📚 शैक्षणिक गतिविधियां बिना बाधा संचालित हो रही हैं
- 👩🎓 छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ा है
- 👨👩👧 अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है
📊 जनपदवार वितरण आंकड़े:
- अल्मोड़ा – 1,37,334
- बागेश्वर – 46,891
- चमोली – 1,29,461
- चम्पावत – 78,142
- देहरादून – 4,36,134
- हरिद्वार – 4,46,311
- नैनीताल – 1,97,687
- पौड़ी – 1,07,799
- पिथौरागढ़ – 1,18,329
- रुद्रप्रयाग – 74,869
- टिहरी – 1,04,559
- ऊधमसिंह नगर – 4,25,176
- उत्तरकाशी – 69,097
👉 कुल मांग: 78,18,145 पुस्तकें
👉 अधिकांश वितरण पूरा, शेष पुस्तकों की आपूर्ति युद्धस्तर पर जारी
🚀 25 साल में पहली बार बना रिकॉर्ड
शिक्षा विभाग ने वर्षों से चली आ रही देरी की परंपरा को तोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। पहली बार ऐसा हुआ है जब—
👉 सत्र शुरू होते ही छात्रों को किताबें मिल गईं
💬 शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा—
“नए शिक्षा सत्र के एक सप्ताह के भीतर 23 लाख से अधिक किताबें वितरित की गई हैं। भविष्य में भी यही व्यवस्था बनी रहे, यह हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
