‘एक रविवार, एक गाँव—एक घंटा समाज के नाम’ अभियान के तहत नंदा गौरा योजना की जानकारी
कोटि मगरों में महिलाओं और ग्रामीणों को योजना की पात्रता, आर्थिक सहायता व ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में किया जागरूक
टिहरी गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से “एक रविवार, एक गाँव—एक घंटा समाज के नाम” अभियान के अंतर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत कोटि मगरों, जाखणीधार मंडल, विकासखंड जाखणीधार में सामाजिक सहभागिता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम एनजीओ प्रकोष्ठ भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश संयोजक सुशील बहुगुणा के आह्वान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों और अन्य ग्रामीणों को विशेष रूप से नंदा गौरा योजना के बारे में जानकारी दी गई।
नंदा गौरा योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया बताई
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को नंदा गौरा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, पात्रता की शर्तों और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
महिलाओं और अभिभावकों को यह भी बताया गया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना आवश्यक है। इसके साथ ही आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने के लिए भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि जानकारी के अभाव में कोई पात्र परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
“सही जानकारी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ”
एनजीओ प्रकोष्ठ भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश संयोजक सुशील बहुगुणा ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है, जब लोगों को योजनाओं की सही और समय पर जानकारी उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि “एक रविवार, एक गाँव—एक घंटा समाज के नाम” अभियान का उद्देश्य समाज के बीच जाकर जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
सुशील बहुगुणा ने कहा कि नंदा गौरा जैसी योजनाएं बेटियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। समाज के सभी लोगों का दायित्व है कि पात्र परिवारों को ऐसी योजनाओं की जानकारी देने और उन्हें लाभ दिलाने में सहयोग करें।
योजनाओं की जानकारी का अभाव बनता है वंचित रहने का कारण
एनजीओ प्रकोष्ठ टिहरी गढ़वाल के जिला सह-संयोजक हरीश डोभाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक परिवार सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों तक सही जानकारी पहुंचाना सामाजिक दायित्व है। नंदा गौरा योजना के लिए पात्र बालिकाओं और उनके अभिभावकों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गुप्ता बिष्ट, अनिता ज, अनिल कुमार कोटनाला, बसंती देवी, जसोदा देवी, राजेश्वरी देवी, डब्बी देवी, कल्पेश्वरी देवी, कविता और कुसुम सहित अन्य ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
“एक घंटा समाज के नाम” का संदेश
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि समाज की वास्तविक प्रगति केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी से संभव है।
आयोजकों ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यस्त जीवन में से थोड़ा समय गांव, समाज और आसपास के वातावरण के लिए निकाले तो छोटे-छोटे प्रयास बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
