ऑटिज्म जागरूकता माह पर एनएचएम उत्तराखण्ड द्वारा कार्यशाला का सफल आयोजन
विशेष बच्चों की समझ, सहयोग और समावेशिता बढ़ाने हेतु चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण विचार
देहरादून, 9 अप्रैल 2025:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तराखण्ड द्वारा ऑटिज्म जागरूकता माह के अवसर पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन एनएचएम सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य ऑटिज्म के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना, विशेष बच्चों की बेहतर समझ को बढ़ावा देना और अभिभावकों, शिक्षकों व देखभालकर्ताओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
मिशन निदेशक स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि ऑटिज्म से जुड़े बच्चों को समझने, अपनाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को इन बच्चों के विकास में सहयोगी बनना चाहिए और भविष्य में और अधिक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यशाला में डॉ. श्रुति कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर (पीडियाट्रिक), SGRRIMHS देहरादून ने ऑटिज्म के प्रारंभिक लक्षण, व्यवहारिक थेरेपी, संचार कौशल विकास और समावेशी शिक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की।
इस आयोजन में देहरादून के विशेषज्ञ चिकित्सक, RBSK के चिकित्साधिकारी, और DEIC के विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जबकि अन्य जनपदों के बाल रोग विशेषज्ञों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभागिता की।
