प्राचार्य डॉ. अर्चना धपवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ आयोजन, विभिन्न विभागों एवं समितियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियाँ, नई शिक्षा नीति व स्टार्टअप्स पर हुई प्रभावशाली चर्चा
देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल | 02 अगस्त 2025
ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय, देवप्रयाग में आज दिनांक 02 अगस्त 2025 को सत्र 2025-26 में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागतार्थ दीक्षारंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. अर्चना धपवाल ने की। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ. सृजना राणा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं नवागंतुक विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ किया गया। इस गरिमामय अवसर पर कला एवं विज्ञान संकाय के समस्त प्राध्यापकों ने अपना परिचय देते हुए अपने विषयों की उपयोगिता एवं शैक्षणिक दिशा पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की संयोजक डॉ. शीतल वालिया ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के विविध आयामों से अवगत कराया तथा उनके चयनित विषयों की संरचना व उद्देश्य की व्याख्या की।
कार्यक्रम के अगले चरण में महाविद्यालय में सक्रिय विभिन्न समितियों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी छात्रों को दी गई।
- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश ने स्वयंसेवकों द्वारा वर्षभर की जाने वाली रचनात्मक एवं समाजोपयोगी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को सेवा भाव के लिए प्रेरित किया।
- नमामि गंगे समिति के नोडल अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने जलशक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित नमामि गंगे परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय में चल रहे रोवर-रेंजर कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की।
- मतदान जागरूकता समिति एवं समान नागरिक संहिता (UCC) समिति के संयोजक डॉ. इलियास मोहम्मद ने संविधान प्रदत्त मतदान अधिकार एवं नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व की ओर उन्मुख किया।
डॉ. पारुल रतूड़ी, संयोजक देवभूमि उद्यमिता योजना एवं शिक्षक-अभिभावक समिति, ने स्टार्टअप संस्कृति तथा अभिभावकों की भूमिका पर छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए भविष्य निर्माण हेतु आवश्यक कौशल विकास पर बल दिया।
डॉ. अमित कुमार ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रक्रिया, पात्रता एवं लाभों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. लीना पुंडीर ने अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC ID) की आवश्यकता, उपयोगिता और निर्माण प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया।
पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ एवं सांस्कृतिक समिति की नोडल अधिकारी डॉ. सोनिया ने महाविद्यालय में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक, साहित्यिक, एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए नवप्रवेशी छात्रों को इनमें सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. अर्चना धपवाल ने सभी नवागंतुक छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए महाविद्यालय में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, और रचनात्मक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षा को आत्मनिर्माण की संजीवनी बताते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस दीक्षारंभ कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल स्वागत समारोह रहा, बल्कि एक मार्गदर्शी सत्र के रूप में भी उभरा।
