कुमाऊँनी लोकगायक दीवान सिंह कनवाल के निधन से संगीत जगत शोकाकुल, राकेश राणा ने जताया दुःख
उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संवाहक थे दीवान सिंह कनवाल, कला-संगीत जगत को अपूरणीय क्षति
टिहरी | उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊँनी लोकगायक दीवान सिंह कनवाल के निधन पर प्रदेश भर में शोक की लहर है। उनके निधन पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एवं कला-संगीत प्रेमी राकेश राणा ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
राकेश राणा ने अपने शोक संदेश में कहा कि दीवान सिंह कनवाल का उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और कुमाऊँनी लोकसंगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने अपनी मधुर आवाज और लोकधुनों के माध्यम से पहाड़ की संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि उन्हें दीवान सिंह कनवाल के साथ गढ़वाली-कुमाऊँनी वीडियो सीडी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में काम करने का अवसर मिला, जिसकी यादें हमेशा उनके दिल में जीवित रहेंगी। उनके साथ किए गए कार्य और उनके व्यक्तित्व की सादगी हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
राकेश राणा ने कहा कि दीवान सिंह कनवाल का जाना उत्तराखंड के कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके गीत और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार और उनके चाहने वालों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
