गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को किया गया सम्मानित
साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ के हाथों किया गया पुरस्कृत
सकलाना रेंज कार्यालय प्रांगण चंबा में सात वनकर्मियों को नकद धनराशि और प्रशस्ति पत्र किये गये प्रदान
वन क्षेत्राधिकारी प्रबोध पाण्डेय ने की कार्यों की सराहना
चंबा, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सकलाना रेंंज कार्यालय में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सात वनकर्मियों को वन क्षेत्राधिकारी के द्वारा सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को नगद धनराशि और प्रशस्त-पत्र प्रदान किये गये।
पुरस्कृत होने वाले कर्मियों में वन दरोगा कुंवर चंद रमोला, पूर्णानंद सेमल्टी, वन आरक्षी कु0 ईशा मिंया, मुकेश भंडारी, ओमप्रकाश, राजेंद्र सिंह और शुभम लेेखवार हैं।साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ के हाथों यह पुरस्कार दिए गए। वनक्षेत्राधिकारी प्रबोध पांडेय ने वनकर्मियों से अपेक्षा की कि समस्त कर्मचारी अपनी राजकीय सेवा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास करें।
कहा कि वनदेवी की कृपा से वन विभाग की सेवा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन सुरक्षा और संवर्धन, वृक्षारोपण, जल स्रोतों के रखरखाव, जंगलात की भूमि की स्वच्छता,वनाग्नि से पेड़ों को बचाना,महत्वपूर्ण दायित्व हैं। जिन कर्मियों ने प्लांटेशन, वन सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है आज उन्हें पुरस्कृत करते हुए उन्हें खुशी हो रही है।
मुख्य अतिथि साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने वन विभाग की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि बेल्ट और टोपी की नौकरी हर किसी के भाग्य में नहीं होती।
सेना और पुलिस के बाद वन विभाग की सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान राष्ट्र निर्माण में करती है। प्रकृति हमारी माता है और हम धरती के पुत्र हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होता है कि प्राकृतिक अवयवों का संरक्षण हम करें, उनकी सुरक्षा के लिए उपाय करें।
पेड़ों आग से बचाने के लिए शुरू में ही लाइन काट दें। विशेष कर चीड़ के जंगलों के समीप पिरूल को इकट्ठा करके पहले ही उसका निस्तारण किया जाए तो जंगलों को वनाग्नि से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
जन- सहयोग की भावना से भी वनों की सुरक्षा की जा सकती है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर समस्त वनकर्मियों और गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा परिसर में प्रतीकात्मक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
