ग्रामीण उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर, टिहरी के सभी विकासखंडों में होंगी एमयूवाई चौपाल
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत 21 अगस्त से 6 सितंबर तक चलेगा अभियान, युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा मार्गदर्शन
टिहरी गढ़वाल, 19 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के सभी विकासखंडों में एमयूवाई चौपाल का आयोजन किया जाएगा। चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों और हुनर को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में बदलने तथा ग्रामीण उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि एमयूवाई चौपाल कार्यक्रम का प्रदेश स्तर पर शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 21 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरादून से करेंगे। इसी के साथ जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा और आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 अगस्त से 6 सितंबर 2026 तक जनपद के सभी विकासखंडों में नामित नोडल अधिकारियों की देखरेख में एमयूवाई चौपाल आयोजित की जाएगी।
गांव में ही मिलेगा उद्यमिता का मार्गदर्शन
सीडीओ ने बताया कि एमयूवाई चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांवों में ऐसा मजबूत उद्यमिता वातावरण तैयार करना है, जहां स्थानीय युवा, महिलाएं, स्वयं सहायता समूह और अन्य ग्रामीण उद्यमी अपने हुनर एवं स्थानीय संसाधनों के आधार पर नए व्यवसाय शुरू कर सकें।
चौपाल के माध्यम से संभावित उद्यमियों की पहचान कर उन्हें व्यवसाय की अवधारणा तैयार करने, बाजार की समझ विकसित करने, उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन और बाजार से जुड़ने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्थानीय संसाधनों से रोजगार और स्वरोजगार पर जोर
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक, कृषि और स्थानीय संसाधनों की पहचान कर उनके बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क, डिजिटल माध्यमों के उपयोग और वित्तीय साक्षरता से जुड़ी जानकारी भी ग्रामीण उद्यमियों तक पहुंचाई जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं संस्थागत सहायता की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है।
स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
एमयूवाई चौपाल में स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को बाजार से जोड़ने तथा वित्तीय एवं तकनीकी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ सफल उद्यमियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे। इससे नए उद्यमियों को व्यावहारिक जानकारी और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी।
आईईसी वैन के माध्यम से गांव-गांव पहुंचेगी योजना की जानकारी
सीडीओ ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आईईसी वैन विकासखंडों में भ्रमण करेगी। इसके माध्यम से ग्रामीणों को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की जानकारी दी जाएगी तथा इच्छुक उद्यमियों को योजना से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमयूवाई चौपाल केवल जानकारी देने तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का माध्यम बने। इच्छुक ग्रामीणों की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन देने और संबंधित विभागों एवं योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
‘हुनर को व्यवसाय और संसाधनों को आजीविका’ से जोड़ने की पहल
एमयूवाई चौपाल के माध्यम से गांवों में ही उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य गांव में अवसर, हुनर को व्यवसाय और स्थानीय संसाधनों को आजीविका का आधार बनाना है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने क्षेत्र में ही नए उद्यम स्थापित करने तथा मौजूदा व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
