चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा लागू
प्रति माह 10 मीट्रिक टन या अधिक चीनी का उपयोग करने वाले बड़े उपभोक्ता 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे, डीलरों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
टिहरी गढ़वाल, 22 सितंबर 2026। केंद्र सरकार की अधिसूचना के क्रम में उत्तराखंड में चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा लागू की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने बताया कि अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग तथा अपर सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग अनुभाग, उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में यह व्यवस्था लागू की गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि 1 सितंबर 2026 की केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार ऐसे बड़े उपभोक्ता, जो उत्पादन, उपभोग अथवा उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में प्रति माह 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक चीनी का उपयोग करते हैं, वे उक्त उपयोग के लिए 15 दिनों से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
हालांकि, यह प्रावधान केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन अथवा स्थानीय निकाय से संबंधित संस्थाओं पर लागू नहीं होगा।
चीनी की मासिक खपत का होगा सत्यापन
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक चीनी मिल द्वारा बड़े उपभोक्ताओं को सीधे अथवा डीलरों के माध्यम से बेची गई चीनी की मासिक मात्रा का सत्यापन किया जाएगा।
चीनी की खपत का निर्धारण विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा चीनी के लिए लागू संबंधित HSN कोड के आधार पर दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न के संदर्भ में किया जाएगा।
डीलरों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार सभी चीनी डीलरों के लिए खाद्य स्टॉक निगरानी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है।
डीलर पोर्टल पर अपना पंजीकरण इस माध्यम से करा सकते हैं:
अनुपालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने सभी संबंधित हितधारकों से अधिसूचना में निर्धारित प्रावधानों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन नहीं किए जाने की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
