संवेदनशील स्थलों पर भू-वैज्ञानिक सर्वे और आवश्यकतानुसार विस्थापन की तैयारी के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 18 सितंबर 2025।
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आपदा प्रबंधन संबंधी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें और आपदा की स्थिति में जलस्तर की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं। साथ ही, जिन क्षेत्रों में चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग की आवश्यकता है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता सिंचाई अनूप ड्यूंडी ने जानकारी दी कि अतिवृष्टि के कारण चंद्रभागा नदी में आरबीएम इकट्ठा हो गया है तथा खारा स्रोत गदेरे में चैनलाइजेशन आवश्यक है। उन्होंने जौनपुर विकासखंड के ग्राम सीतापुर (बादल नदी), ग्राम भरवाकाटल (सौंग नदी), बुक्सेज खाले एवं मौंणा खाले की स्थिति से भी अवगत कराया।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई बृजेश गुप्ता ने बताया कि जौनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घहना में बने ताल में बाढ़ सुरक्षा कार्यों का आकलन किया जाना आवश्यक है।
धनोल्टी की उप जिलाधिकारी मंजू ने कुमलडा और टोलियाकोटी क्षेत्रों में तत्काल चैनलाइजेशन की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं घनसाली के उप जिलाधिकारी संदीप कुमार ने घुत्तू बाजार के ऊपर और बुढ़ाकेदार क्षेत्र में चैनलाइजेशन व बाढ़ सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता बताई।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर संवेदनशील स्थलों की पहचान करें, वहाँ भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाएं और आवश्यकतानुसार विस्थापन की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, चिफलती नदी से प्रभावित क्षतिग्रस्त भवनों के आकलन के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार, एसडीएम टिहरी संदीप कुमार, भू-वैज्ञानिक रवि कुमार, डीडीएमओ बृजेश सहित संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
