टिहरी झील में 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण संपन्न, 20 प्रशिक्षुओं ने लिया प्रशिक्षण
राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में लाइफ सेविंग, पावर बोट हैंडलिंग और वाटर स्कीइंग का दिया गया प्रशिक्षण
टिहरी गढ़वाल, 19 अगस्त 2026। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को टिहरी झील परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक टिहरी झील, जिला टिहरी गढ़वाल में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में उत्तराखंड के सभी जनपदों से चयनित कुल 20 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया।
तीन चरणों में दिया गया प्रशिक्षण
15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन चरणों में संचालित किया गया। प्रशिक्षुओं को जल क्रीड़ा एवं सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रथम पांच दिन: जीवन रक्षक तकनीक (लाइफ सेविंग तकनीक)
द्वितीय पांच दिन: पावर बोट हैंडलिंग एवं टिलर संचालन
अंतिम पांच दिन: वाटर स्कीइंग
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल क्रीड़ा गतिविधियों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों और आपात परिस्थितियों में आवश्यक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
टिहरी झील में हुआ समापन समारोह
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह 19 अगस्त 2026 को टिहरी झील परिसर में आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा से प्रतिनियुक्त प्रशिक्षक प्रवीण सिंह रावत एवं विराज शिंदे मौजूद रहे।
इसके अलावा उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के जल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेंद्र सिंह, ऑफिसर कमांडिंग विपिन मिश्रा, डिप्टी कमांडेंट आशुतोष बिष्ट, पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मनोज बिजल्वाण एवं दरमियान नेगी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।
प्रशिक्षुओं को मिलेगा प्रमाणित लाइसेंस
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की इस पहल को राज्य में जल क्रीड़ा पर्यटन को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा की ओर से प्रमाणित लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।
यह लाइसेंस भारत के साथ-साथ सम्पूर्ण मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी मान्य बताया गया है। इससे प्रशिक्षित युवाओं को जल क्रीड़ा क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है।
साहसिक पर्यटन को विश्वस्तरीय पहचान देने की पहल
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना और राज्य में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
टिहरी झील जैसे जल पर्यटन केंद्रों में प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता से वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
