बोट संचालन के लिए तय होंगे सुरक्षित जोन, टिहरी में पहली बार देश का अनोखा वाटर-स्पोर्ट्स सर्वे, टेंट सिटी प्रस्ताव शासन को भेजा गया
📍 स्थान: टिहरी गढ़वाल, 📅 तिथि: 05 दिसम्बर 2025, ✍️ रिपोर्ट: (SKS संवाददाता)
टिहरी गढ़वाल में पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और टिहरी बाँध जलाशय में सुरक्षित जल-क्रीड़ा गतिविधियों के विकास की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से आज शुक्रवार, 05 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती नितिका खण्डेलवाल ने की।
इस बैठक का मुख्य विषय था —
“टिहरी बाँध जलाशय की वहन क्षमता (Carrying Capacity) एवं सुरक्षित जल-क्रीड़ा गतिविधियों के विकास की संभावनाएँ”, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटन को भी गति मिल सके।
🚤 बोट संचालन केवल निर्धारित जोन में ही होगा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- ✅ बोट यूनियन के सभी संचालक केवल निर्धारित जोन में ही बोट का संचालन करें
- ✅ किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन अप्रिय घटना का कारण बन सकता है
- ✅ पर्यटकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टिहरी में प्रस्तावित टेंट सिटी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिससे आने वाले समय में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
🌊 नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाटरस्पोर्ट्स, गोवा ने दी तकनीकी जानकारी
बैठक में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाटरस्पोर्ट्स, गोवा के मैनेजर रणजीत सिंह ने जल-क्रीड़ा से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि:
- ✅ वाटर-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग कैसे दी जाएगी
- ✅ लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया
- ✅ फिजिबिलिटी स्टडी (Feasibility Study)
- ✅ रिस्क असेसमेंट (Risk Assessment)
- ✅ सेफ्टी ऑडिट (Safety Audit)
- ✅ अकादमिक कोर्स और प्रशिक्षण संरचना
इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की गई, ताकि टिहरी में जल-क्रीड़ा गतिविधियों को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सके।
🗺️ देश का पहला विस्तृत वाटर-स्पोर्ट्स सर्वे टिहरी में
संस्थान के वाटर-स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर समीर ने जानकारी दी कि:
- ✅ देश में यह पहला विस्तृत वाटर-स्पोर्ट्स सर्वे टिहरी में किया गया है
- ✅ इस सर्वे का उद्देश्य यह पता लगाना है कि
- कितनी बोटें
- किस क्षेत्र में
- कितनी सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकती हैं
इसके लिए टिहरी जलाशय को पाँच जोन में चिन्हित किया गया है:
- कोटि कॉलोनी
- ली रोई
- डोबरा–चाँटी
- नंदगाँव
- सादना बोटिंग पॉइंट
✅ यह सर्वे दो चरणों में पूरा किया गया —
- हाई-वाटर लेवल
- लो-वाटर लेवल
साथ ही टीम द्वारा अपने मुख्य तकनीकी अवलोकन (Key Observations) भी बैठक में साझा किए गए।
🏗️ बोट यूनियन ने रखीं अपनी मांगें
बैठक में बोट यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय रूप से अपने सुझाव और समस्याएँ सामने रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से:
- ✅ यॉट मेंटेनेंस की व्यवस्था
- ✅ ली रोई बोटिंग पॉइंट तक 200 मीटर सड़क निर्माण
- ✅ टेंट सिटी जैसी पर्यटन सुविधाओं का शीघ्र विकास
इन मांगों को पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया।
👥 ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे बैठक में उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन, पर्यटन विभाग और बोट यूनियन से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- ✅ डीटीडीओ एस. एस. राणा
- ✅ एडीबी आशीष कठैत
- ✅ टीएचडीसी से संजय महार
- ✅ बोट यूनियन अध्यक्ष लखवीर चौहान
- ✅ बोट यूनियन सदस्य — अनुज, जितेंद्र, भूपेंद्र, प्रवीण, सौरव सहित अन्य
🧭 पर्यटन के सुरक्षित और संगठित विकास की दिशा में बड़ी पहल
यह बैठक इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन:
- ✅ टिहरी को राष्ट्रीय स्तर का वाटर-स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है
- ✅ पर्यटकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पर्यटन का विकास करना चाहता है
- ✅ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना चाहता है
टिहरी बाँध जलाशय आने वाले समय में उत्तराखंड पर्यटन का प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
