जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में व्यापक समीक्षा—ओवरलोडिंग, हेलमेट–सीट बेल्ट उल्लंघन पर कड़ा एक्शन, खाड़ी–नागनी व बगड़धार मार्ग पर तेजी से कार्य
टिहरी/दिनांक 28 नवम्बर, 2025
कलेक्ट्रेट सभागार टिहरी गढ़वाल में शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, चालानी कार्रवाई, NH मार्गों की वर्तमान स्थिति, स्पीड कैमरा इंस्टॉलेशन और चेकिंग अभियान को सुदृढ़ किए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है और विभागीय लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने से लेकर डेंजर जोन पर सुरक्षा उपाय तक सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया गया।
बैठक की प्रमुख बातें
1. दुर्घटना जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराना अनिवार्य
जिलाधिकारी ने पुलिस, राजस्व और परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि—
- सभी दुर्घटना जांच रिपोर्ट समय से प्रस्तुत हों
- रिपोर्टों में देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी
- दुर्घटनाओं के कारणों पर विशेष निगरानी रखी जाए
2. डेंजर जोन पर सतर्कता बढ़ाने के कड़े निर्देश
एनएच अधिकारियों को निर्देश:
- डेंजर जोन पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, क्रैश बैरियर की उपलब्धता सुनिश्चित
- रात्रिकालीन दृश्यता बढ़ाने हेतु रोड मार्किंग को ठीक करना
- ढालदार मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल उपाय प्रभावी ढंग से लागू करना
3. ओवरलोडिंग व ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा:
“ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। ऐसे वाहनों पर बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाए।”
पुलिस व एआरटीओ को निर्देश:
- निरंतर चेकिंग अभियान चलाया जाए
- ट्रक व कमर्शियल वाहनों की ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस
- ब्लाइंड कर्व, भीड़भाड़ क्षेत्रों व स्कूल–कॉलेज के पास नियमित मॉनिटरिंग
4. एनएच मार्गों की स्थिति: बगड़धार–खाड़ी–नागनी में कार्य तेज
एनएच अधिकारियों ने बताया—
- बगड़धार में मलबा हटाने का कार्य लगभग पूर्ण
- खाड़ी–नागनी सेक्शन में कार्य प्रगति पर
- बरसात सीजन से पूर्व सभी संवेदनशील मोड़ों पर सुधार कार्य पूरे करने की योजना
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया—
“जहां कहीं भी सड़क संकरी है या मलबा पड़ा है, वहाँ तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि दुर्घटना की संभावनाएं समाप्त हों।”
5. साइन बोर्डों के पास झाड़ियाँ—बैनरों पर सख्त नाराजगी
एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया—
- कई स्थानों पर साइन बोर्डों को झाड़ियों और पेड़ों के उगान ने ढँक दिया है
- कुछ जगह बैनर–पोस्टर चस्पा कर दिए जाते हैं जिससे दृश्यता कम हो जाती है
जिलाधिकारी ने सख्ती से निर्देश दिया—
- झाड़ी कटान नियमित किया जाए
- साइन बोर्डों को अवरोधित करने वाले तत्वों पर कठोर कार्रवाई
- अवैध बैनर–पोस्टर तत्काल हटाए जाएं
6. नालियों की साफ–सफाई और झाड़ी कटान का स्थाई प्लान
सभी सड़क निर्माण agencies—
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- नगरपालिकाएं
- PMGSY
- BRO
को निर्देश दिए गए कि—
- नालियों की लगातार सफाई की जाए
- झाड़ियां समय–समय पर काटी जाएं
- बरसात के मौसम में पानी सड़क पर न बहे इसके स्थाई उपाय
7. स्पीड डिटेक्टर कैमरे और कठोर चेकिंग—दुर्घटना रोकथाम का बड़ा अभियान
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि—
“स्पीड एक बड़ी समस्या है। स्पीड डिटेक्टर कैमरा इंस्टॉलेशन को और मजबूती दें, और जहां ज़रूरत है वहाँ नए कैमरे लगाए जाएं।”
एआरटीओ द्वारा प्रस्तुत कार्रवाई विवरण (माह अक्टूबर 2025 तक)
कैमरों के माध्यम से चालान
- तपोवन कैमरा: 1158 चालान
- भद्रकाली कैमरा: 1085 चालान
➡ कुल: 2243 वाहनों पर कार्रवाई
पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा प्रत्यक्ष चेकिंग में कार्रवाई
- बिना हेलमेट — 1452 चालान
- बिना सीट बेल्ट — 649 चालान
- ओवरलोडिंग — 376 चालान
- मोबाइल फोन पर वाहन चलाना — 127 चालान
यह आँकड़े दर्शाते हैं कि विभागीय कार्रवाई लगातार चल रही है पर इसे और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
8. अलग-अलग एसडीएम व विभागाध्यक्षों की समीक्षा
बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे और क्षेत्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत की—
- अपर जिलाधिकारी – अवधेश कुमार सिंह
- अधीक्षण अभियंता PWD – के.एस. नेगी
- एसडीएम प्रतापनगर – स्नेहिल कंवर
- एसडीएम टिहरी – संदीप कुमार
- एसडीएम कीर्तिनगर – मंजू राजपूत
- एसडीएम नरेन्द्रनगर – आशीष घिल्डियाल
- एआरटीओ – सतेन्द्र राज
- अधिशासी अभियंता PWD बौराड़ी – योगेश कुमार
- चम्बा – जे.एस. खाती
- BRO – सुरेन्द्र सिंह
जिलाधिकारी ने सभी विभागों की कार्य–प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया।
9. निष्कर्ष: सड़क सुरक्षा पर टिहरी प्रशासन की बड़ी पहल
बैठक के अंत में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा—
“जनपद में सड़क दुर्घटनाएं रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीक आधारित निगरानी और कड़े प्रवर्तन से ही सड़क सुरक्षा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”
