बीकेटीसी अध्यक्ष की जांच समिति जनता की आंख में धूल झोंकने की कोशिश : अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी
केदारनाथ धाम में मंदिर कोष खर्च मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच का उठाया सवाल
देहरादून, SKS News।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति पर सवाल उठाते हुए इसे जनता की आंख में धूल झोंकने की कवायद बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से बीकेटीसी में कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद से श्री Badrinath-Kedarnath Temple Committee लगातार चर्चाओं में है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और जनमानस में उठ रहे सवालों के दबाव के बाद समिति ने अपनी छवि बचाने के लिए जांच समिति का गठन किया है।
नेगी के अनुसार आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में केदारनाथ धाम के एक तीर्थ पुरोहित को लगभग 11 लाख रुपये की धनराशि जारी किए जाने का उल्लेख सामने आया है। उनका आरोप है कि इस भुगतान से संबंधित पत्रावली को समिति के वित्त अधिकारी की प्रक्रिया से अलग रखते हुए सीधे अध्यक्ष स्तर पर अनुमोदित किया गया। उन्होंने इसे मंदिर कोष के उपयोग से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष द्वारा अपनी पत्नी को कर्मचारी दर्शाकर भुगतान प्राप्त किए जाने तथा कार्यालय एवं आवास भत्तों के संबंध में भी प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विकेश सिंह नेगी ने सवाल उठाया कि यदि जांच समिति का गठन स्वयं बीकेटीसी द्वारा किया गया है तो क्या वह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के मन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई प्रश्न हैं, जिनका उत्तर केवल स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच से ही मिल सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे आस्था के प्रमुख केंद्रों से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच के लिए एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए।
नोट: उपरोक्त आरोप सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया या जांच के आधिकारिक निष्कर्ष अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच अथवा आधिकारिक निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।
