पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने असंवैधानिक आरक्षण प्रणाली पर जताई आपत्ति, अनुसूचित जाति बहुल गांवों की उपेक्षा का लगाया आरोप
टिहरी गढ़वाल, 17 जून 2025:
टिहरी जनपद में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए सीट आरक्षण को लेकर जनपद के जौनपुर-सकलाना क्षेत्र से आए प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल से भेंट की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के लिए घोषित आरक्षण सूची नियमों और संविधान के अनुरूप नहीं है, और इसमें अनुपातिक आरक्षण प्रणाली के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय संविधान के 73वें संशोधन और उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम 2016 का हवाला देते हुए मांग की कि आरक्षण प्रक्रिया को इन्हीं के अनुसार पारदर्शी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अनुसूचित जाति बहुल गांवों की उपेक्षा की गई है, जिससे सामाजिक न्याय की भावना आहत हुई है।
प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र के कई पूर्व प्रधान, जन प्रतिनिधि, और सामाजिक-राजनीतिक हस्तियां शामिल थीं। इनमें प्रमुख रूप से वीरेन्द्र सिंह कोठारी, कैलाश सकलानी, उदय नकोटी, सुभाष अग्निहोत्री, बिजेंद्र सकलानी और बिजेंद्र बिष्ट शामिल थे।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य टिहरी अखिलेश उनियाल, निवर्तमान ग्राम प्रधान सकलाना जौनपुर वीरेंद्र सिंह कोठारी, बिजेन्द्र बिष्ट, कैलाश सकलानी, सुभाष अग्निहोत्री, सोवन सिंह ऐरला, बिरेन्द्र सकलानी आदि उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि वर्तमान आरक्षण सूची की पुनः समीक्षा की जाए और संवैधानिक प्रावधानों व न्यायपूर्ण अनुपात के आधार पर आरक्षण तय किया जाए।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सभी दर्ज आपत्तियों की न्यायोचित रूप से जांच और समाधान किया जाएगा।
