निष्कलंक 37 वर्षों की राजस्व सेवा के बाद रजिस्ट्रार कानूनगो सुरेश मोहन डोगरा सेवानिवृत्त
पटवारी प्रशिक्षण से शुरू हुआ जनसेवा का सफर, तहसील परिवार एवं रिश्तेदारों ने भावभीनी विदाई देकर दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ
गजा (नरेन्द्रनगर), टिहरी गढ़वाल, SKS News।
उत्तराखंड राजस्व विभाग के वरिष्ठ एवं लोकप्रिय अधिकारी श्री सुरेश मोहन डोगरा, रजिस्ट्रार कानूनगो, तहसील गजा (नरेन्द्रनगर), 30 जून 2026 को लगभग 37 वर्ष की गौरवशाली एवं निष्कलंक राजस्व सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर तहसील परिवार, राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, शुभचिंतकों तथा रिश्तेदारों द्वारा उनके सम्मान में भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान, ईमानदार कार्यशैली तथा सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व की मुक्तकंठ से सराहना की गई।
1988 में पटवारी प्रशिक्षण से शुरू हुई जनसेवा की यात्रा
श्री सुरेश मोहन डोगरा ने वर्ष 1988 में पटवारी प्रशिक्षण प्राप्त कर राजस्व सेवा के क्षेत्र में कदम रखा। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने भूमि अभिलेख, सीमांकन, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा ग्रामीण प्रशासन से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी दक्षता अर्जित की, जिसने उनके लंबे प्रशासनिक जीवन की मजबूत नींव रखी। 24 वर्षों तक लगातार राजस्व पुलिस क्षेत्रों में कार्य किया मात्र 3माह नॉन पुलिस क्षेत्र भटकोट देवप्रयाग में कार्यरत रहे।
संग्रह अमीन से रजिस्ट्रार कानूनगो तक का प्रेरणादायी सफर
प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने मई 1989 से 25 मई 1992 तक संग्रह अमीन के रूप में धमान्दस्यूँ, तहसील नरेन्द्रनगर में सेवाएँ प्रदान कीं।
इसके बाद 26 मई 1992 से 09 अगस्त 2016 तक लगभग 24 वर्षों तक उन्होंने पटवारी के रूप में जनपद टिहरी गढ़वाल के विभिन्न सुगम एवं दुर्गम क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएँ दीं। इस दौरान उन्होंने देवप्रयाग, टिहरी, धनोल्टी एवं कण्डीसौड़ तहसील के अनेक राजस्व क्षेत्रों में कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं निष्पक्षता के साथ समाधान किया।
राजस्व सेवा में उत्कृष्ट कार्य एवं अनुभव के आधार पर उन्हें 10 अगस्त 2016 को रजिस्ट्रार कानूनगो पद पर पदोन्नति प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने तहसील गजा में 30 जून 2026 तक लगातार लगभग 10 वर्षों तक रजिस्ट्रार कानूनगो के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देकर निभाया जनसेवा का दायित्व
विभागीय सेवा विवरण के अनुसार श्री डोगरा ने अपने सेवाकाल में टिहरी गढ़वाल के अनेक दुर्गम एवं पर्वतीय क्षेत्रों में कार्य करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी प्रशासनिक दायित्वों का सफल निर्वहन किया। उनका अधिकांश सेवाकाल ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में बीता, जहाँ उन्होंने भूमि अभिलेखों के संधारण, सीमांकन, आपदा राहत, राजस्व वसूली तथा आमजन की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ईमानदारी, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा बनी पहचान
विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्री सुरेश मोहन डोगरा सदैव एक शांत, विनम्र, अनुशासित एवं जनहितैषी अधिकारी के रूप में पहचाने गए। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आमजन के साथ उनका व्यवहार सदैव सौहार्दपूर्ण रहा तथा उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का भी मार्गदर्शन किया।
सहकर्मियों ने कहा कि उनका कार्यकाल नई पीढ़ी के राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व दिया।
भावुक माहौल में दी गई विदाई
विदाई समारोह में तहसील परिवार द्वारा श्री डोगरा को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए गए वर्षों की स्मृतियाँ साझा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में श्री सुरेश मोहन डोगरा ने कहा कि राजस्व विभाग में बिताए गए वर्ष उनके जीवन की सबसे अमूल्य पूँजी हैं। उन्होंने अपने सभी वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों तथा क्षेत्र की जनता के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सदैव जनसेवा का अवसर मिला, जिसे वे जीवनभर नहीं भूलेंगे।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मित्रों एवं रिश्तेदारों ने उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
सेवा परिचय (एक नजर में)
- नाम: श्री सुरेश मोहन डोगरा
- जन्म तिथि: 04 जून 1966
- पटवारी प्रशिक्षण: वर्ष 1988
- संग्रह अमीन: मई 1989 – 25 मई 1992 (धमान्दस्यूँ, तहसील नरेन्द्रनगर)
- पटवारी: 26 मई 1992 – 09 अगस्त 2016 (लगभग 24 वर्ष)
- रजिस्ट्रार कानूनगो, तहसील गजा: 10 अगस्त 2016 – 30 जून 2026 (लगभग 10 वर्ष)
- कुल राजस्व सेवा: लगभग 37 वर्ष
- विशेष पहचान: ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, सरल एवं जनहितैषी राजस्व अधिकारी
