निर्माता विक्रम सिंह नेगी ने अतिथियों का माल्यार्पण कर किया स्वागत, धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों और संघर्षों पर आधारित है फिल्म ‘रैबासी’
गजा/टिहरी (SKS News।
गजा तहसील के खडवालगाँव स्थित प्राचीन घंटाकर्ण मंदिर परिसर में शनिवार को पहाड़ी फीचर फिल्म ‘रैबासी’ का शुभ मुहूर्त बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के बाद पहला शॉट फिल्माकर फिल्म का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस दौरान आमंत्रित जनप्रतिनिधि पहले शॉट में बतौर साक्षी शामिल हुए, जिससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
फिल्म ‘रैबासी’ धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और संघर्षों की कहानी को पर्दे पर जीवंत करेगी। इसके साथ ही होम स्टे संस्कृति और उत्तराखंड की लोकजीवन से जुड़े प्रसंगों को भी फिल्म में समाहित किया गया है।
🎥 फिल्मांकन की योजना
फिल्म के निर्माता विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि गजा क्षेत्र के गौंत्याचली, गजा और आसपास के गांवों में फिल्मांकन के बाद इसका अगला चरण देहरादून शहर में होगा। वहीं होम स्टे पर आधारित कुछ विशेष दृश्यों की शूटिंग आने वाले दिनों में की जाएगी।
🌿 मुहूर्त शॉट में जनप्रतिनिधि बने साक्षी
फिल्म के शुभारंभ अवसर पर नगर पंचायत गजा अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, पूर्व अध्यक्ष मीना खाती, चंबा ब्लॉक जेष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी, जिला पंचायत सदस्य ताजबीर सिंह खाती, सभासद रंजना चौहान, सदस्य क्षेत्र पंचायत देवी सिंह रावत, रिटायर कर्नल मूर्ति सिंह सजवाण, ग्राम प्रधान राधिका नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश प्रसाद उनियाल, व्यापार सभा गजा के विनोद सिंह चौहान समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निर्माता नेगी ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने इसे गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषा व संस्कृति पर आधारित यह फिल्म युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
🎬 फिल्म की टीम और कलाकार
फिल्म में निर्देशक राजेन्द्र सिंह नेगी, सहायक निर्देशक पवन चौबे, कला निर्देशक राजेश नौगाई, कहानीकार बृज मोहन बेदवाल, प्रोडक्शन मैनेजर प्रेमा नेगी की अहम भूमिका रहेगी।
कलाकारों में बृजमोहन वेदवाल, राजेश नौगाई, प्रशांत घघोडिया, अनुज हीत, अनामिका राज, बिमला ढौंडियाल, रश्मि नौटियाल और संदीप छिलबट शामिल हैं।
🎊 स्थानीय उत्साह और उम्मीदें
शुभ मुहूर्त अवसर पर ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने कहा कि ‘रैबासी’ फिल्म उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और जीवन संघर्षों का वास्तविक चित्रण करेगी। इससे गजा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे टिहरी जनपद को सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
