मसूरी गोलीकांड की वीरांगना शहीद बेलमति चौहान की स्मृति में भारी बारिश के बावजूद लोगों ने किया पुष्प अर्पण, जनप्रतिनिधियों ने कहा – शहादत ने दिलाया पृथक उत्तराखंड राज्य
गजा (टिहरी गढ़वाल) SKS Reporter।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन की वीरांगना शहीद बेलमति चौहान को आज उनके गजा स्थित स्मारक पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और परिजनों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
भारी बारिश के बावजूद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और आंदोलन की इस वीरांगना को याद किया। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मसूरी गोलीकांड के दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निर्दोष आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोलियां चलाईं, जो तत्कालीन शासन-प्रशासन की कायराना कार्रवाई थी। शहीद बेलमति चौहान सहित सभी राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं शहादतों की बदौलत पृथक उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ।
नगर पंचायत गजा के अध्यक्ष एवं आंदोलनकारी कुंवर सिंह चौहान ने कहा कि शहीदों के बलिदान से ही अलग राज्य का मार्ग प्रशस्त हुआ। हमें गर्व है कि शहीद बेलमति चौहान गजा क्षेत्र के समीप ग्राम खलुण (दुवाकोटी) की निवासी थीं।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य गौंसारी ताजबीर सिंह खाती, गढ़वाल सभा पंजाब के पूर्व अध्यक्ष टंखी सिंह नेगी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा में आंदोलनकारियों पर हुए दमन ने अंततः केंद्र और प्रदेश सरकार को पृथक राज्य की घोषणा करने पर विवश कर दिया।
शहीद बेलमति चौहान के पुत्र रणजीत सिंह चौहान ने अपनी मां की आंदोलन में भागीदारी की यादें साझा कीं और पत्नी व पुत्र संग पूजा कर पुष्प अर्पित किए। चंबा ब्लॉक के जेष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी ने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने का सही तरीका यही होगा कि हम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर संसाधनों को विकसित करें।
इस अवसर पर सभासद जसवंत सिंह चौहान, पूर्व सभासद सुनील सिंह चौहान, सभासद श्रीमती रंजना चौहान, व्यापार सभा अध्यक्ष नीरज सुकेती, पूर्व अध्यक्ष विनोद सिंह चौहान सहित अनेक वक्ताओं ने श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत सदस्य कठूड भरत सिंह असवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य जगेठी देवेन्द्र सिंह रावत, पूरण सिंह चौहान, राजेन्द्र सिंह सजवाण, मदन सिंह खड़वाल, मान सिंह चौहान, राजेन्द्र सिंह चौहान, रघुबीर सिंह खाती सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
