पाटा गाँव के नरसिंह धाम में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ
कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ धार्मिक आयोजन, कथा व्यास तिलक राम चमोली ने बताया भागवत श्रवण का महत्व
पाटा, चम्बा (टिहरी गढ़वाल), SKS News।
चम्बा क्षेत्र के पाटा गाँव स्थित पावन नरसिंह धाम प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। कथा आरंभ से पूर्व महिलाओं द्वारा भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कलश यात्रा गाँव की चतुर्दिक परिक्रमा करते हुए बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और भगवान के जयघोषों के साथ कथा स्थल नरसिंह धाम पहुंची। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
पाटा गाँव में स्थानीय ध्यानियों एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित तिलक राम चमोली ने प्रथम दिवस पर श्रीमद्भागवत महात्म्य, भक्ति-नारद संवाद, गोकर्ण उपाख्यान, सूत-शौनक संवाद, व्यास-नारद संवाद तथा राजा परीक्षित द्वारा कलियुग के निग्रह एवं श्री शुकदेव आगमन के प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कथा के दौरान पंडित तिलक राम चमोली ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के सत्य को जानने से मनुष्य के मन से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर अभय पद प्राप्त किया, उसी प्रकार भागवत कथा प्रत्येक जीव को भयमुक्त बनाने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप एवं परमहंसों की संहिता है। यह कथा मनुष्य के हृदय को जागृत कर उसे मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करती है। भागवत कथा भगवान के प्रति प्रेम, भक्ति और समर्पण की भावना को विकसित करती है तथा वेदों और उपनिषदों के सार रूपी अमृत का स्वरूप है।
कथा व्यास ने आगे कहा कि कलियुग में सत्संग ही ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा मनुष्य अपने मन और भावों को स्थिर रख सकता है। श्रीमद्भागवत कथा का सात दिनों तक श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य के अनेक जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष मुकेश चमोली, दिनेश चमोली, राकेश चमोली, जीत राम भट्ट, रविन्द्र प्रसाद चमोली, प्रवेश, मुकेश कंसवाल, सुषमा रणाकोटी, ममता देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
