पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से हो पालन, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें: डीएम नितिका खण्डेलवाल
त्रैमासिक समीक्षा बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, अनियमितता मिलने पर घनसाली के एक और केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 14 जुलाई 2026 | SKS News
जनपद टिहरी गढ़वाल में पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के लिंगानुपात, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा अधिनियम के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, प्रभावी निगरानी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनपद में संचालित हैं आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जनपद में कुल आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, जिनमें छह शासकीय तथा दो निजी केंद्र शामिल हैं। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों में एक्टिव ट्रैकर स्थापित किए गए हैं, जिससे उनकी नियमित ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 से जून 2026 के बीच जनपद में 2,177 अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए हैं।
अनियमितता मिलने पर अल्ट्रासाउंड केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि स्मृति नर्सिंग होम, घनसाली का लाइसेंस पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका है। वहीं उत्तराखंड अल्ट्रासाउंड, घनसाली के दो बार किए गए निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने तथा संचालक रविंद्र बिष्ट के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।
कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने जनपद के लिंगानुपात की समीक्षा करते हुए प्रतापनगर, थौलधार एवं भिलंगना विकासखंड में अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पाए जाने पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
मुखबिर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार
बैठक में पीसीपीएनडीटी मुखबिर योजना की भी समीक्षा की गई। जिला समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) तनुजा रावत ने बताया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनपदभर में पोस्टर लगाए गए हैं तथा लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, साथ ही शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
समन्वित प्रयासों से ही रुकेगी कन्या भ्रूण हत्या
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। इसे समाप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. चंदन कुमार, डीजीसी स्वराज सिंह पंवार, समिति सदस्य सुशील कुमार बहुगुणा, मनोज नकोटी, जगदीश बडोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
