20 जुलाई तक पूर्ण करें टीबी स्क्रीनिंग अभियान: डीएम नितिका खण्डेलवाल
राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा, हाई रिस्क गांवों में अभियान तेज करने के निर्देश; कुपोषण मुक्त अभियान को भी मिलेगी रफ्तार
टिहरी गढ़वाल, 14 जुलाई 2026 | SKS News
जनपद टिहरी गढ़वाल में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme – NTEP) के तहत संचालित “टीबी मुक्त भारत अभियान” की समीक्षा बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में टीबी स्क्रीनिंग अभियान, निक्षय मित्र योजना तथा कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 जुलाई 2026 तक जनपद के सभी चिन्हित क्षेत्रों में टीबी स्क्रीनिंग अभियान हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाए।
13,765 एक्स-रे के साथ अभियान ने पकड़ी रफ्तार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि 24 मार्च 2026 से जनपद में लगातार टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद के 412 हाई रिस्क गांवों में से 361 गांवों में स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा चुका है तथा अब तक 13,765 एक्स-रे किए जा चुके हैं। इसके अलावा वल्नरेबल (संवेदनशील) आबादी की स्क्रीनिंग भी निरंतर जारी है।
सभी विकासखंडों में अभियान तेज करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विकासखंडों के नोडल अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में भिलंगना की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उषा ने बताया कि क्षेत्र में अब तक 31 टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2,039 लोगों की जांच की गई है।
वहीं कीर्तिनगर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकाशदीप ने बताया कि विकासखंड में 39 स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए हैं तथा 560 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
95 कुपोषित बच्चों को एक माह में सामान्य श्रेणी में लाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान निक्षय मित्र योजना एवं कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में 95 बच्चे कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक माह के भीतर इन बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने दूरस्थ गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग, लंबाई एवं वजन का मापन तथा आवश्यक उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक्स-रे मशीनों की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी स्क्रीनिंग अभियान में उपयोग की जा रही डिजिटल एक्स-रे मशीनों के सुरक्षित परिवहन, रखरखाव एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने उपकरणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
