पौड़ी गढ़वाल: राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में ‘गंगा स्वच्छता शपथ’ कार्यक्रम आयोजित
नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा (16–31 मार्च) में छात्र-छात्राओं को स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया
पौड़ी गढ़वाल | 16 मार्च 2026
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में चल रहे नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा (16 मार्च से 31 मार्च 2026) के तहत राजकीय महाविद्यालय, मजरा महादेव में “गंगा स्वच्छता शपथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं और समाज में गंगा नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
स्वच्छता स्वस्थ जीवन की आधारशिला: प्राचार्य डॉ. संजेश कुमार
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजेश कुमार ने किया। उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता का अर्थ है सफाई से रहने की आदत, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है बल्कि मन की प्रसन्नता के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्राचार्य ने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “स्वच्छता ही सेवा है” और स्वच्छ वातावरण हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।
स्वच्छता जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है: इंद्रपाल सिंह रावत
नमामि गंगे के नोडल अधिकारी इंद्रपाल सिंह रावत ने भी कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल बाहरी सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि —
प्रतिदिन स्नान करना
स्वच्छ कपड़े पहनना
दांतों की नियमित सफाई करना
नाखून काटना
हाथ-पैर और चेहरे की स्वच्छता बनाए रखना।
जैसी आदतें व्यक्ति को स्वस्थ जीवन जीने में मदद करती हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. राजेन्द्र, डॉ. गजराज, डॉ. अंकित कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ रजक, डॉ. चन्द्र बल्लभ नैनवाल, डॉ. आशीष कुमार घिल्डियाल, डॉ. मनीषा रावत सहित शिक्षणेतर कर्मचारी उदय राम पन्त, विक्रम सिंह रावत, वीरेन्द्र सिंह, मनोज रावत, गुलाब सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
