प्रथम हटवाल गांव महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न
रीलें दौड़ में नन्हे खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, उत्कृष्ट कार्य के लिए अंजली हटवाल और मेधावी छात्रा आंचल सम्मानित
थत्यूड़/सकलाना, 29 अगस्त। जौनपुर विकासखंड के सकलाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हटवाल गांव में आयोजित प्रथम हटवाल गांव महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक प्रस्तुतियों और खेल प्रतियोगिताओं के साथ सम्पन्न हुआ। महोत्सव में ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री संजय नेगी, सरिता रावत, बिजेंद्र सिंह भगत, मंदिर समिति अध्यक्ष हुकम सिंह हटवाल तथा ग्राम प्रधान करिश्मा देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
रीलें दौड़ में बच्चों ने दिखाया उत्साह
महोत्सव के दौरान आयोजित रीलें दौड़ में विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
अंडर-10 वर्ग में वरुण ने प्रथम, अंकुश ने द्वितीय और ऋषभ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अंडर-14 वर्ग में प्रियाशी प्रथम, दिव्या द्वितीय और पावनी तृतीय रहीं।
वहीं अंडर-17 वर्ग में आरूषी ने प्रथम, कोमल ने द्वितीय और सपना ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में बच्चों के उत्साह को देखकर ग्रामीणों ने भी उनका खूब उत्साहवर्धन किया।
अंजली हटवाल और आंचल का सम्मान
महोत्सव में गांव की प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। स्वरोजगार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अंजली हटवाल को सम्मानित किया गया। अंजली हस्तशिल्प एवं हाथ से बुनाई के माध्यम से राखी, हैंडबैग, स्वेटर की चेन सहित विभिन्न सामग्री तैयार कर स्वरोजगार की मिसाल पेश कर रही हैं।
इसके अलावा हाईस्कूल स्तर पर ग्राम स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली आंचल को भी सम्मानित किया गया।
संस्कृति और प्रतिभाओं को मंच देना उद्देश्य
मुख्य अतिथि संजय नेगी ने कहा कि गांवों में इस प्रकार के आयोजन स्थानीय संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
विशिष्ट अतिथि बिजेंद्र सिंह भगत और हुकम सिंह हटवाल ने कहा कि इस तरह के महोत्सवों से लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़ने के साथ-साथ कुछ नया सीखने का अवसर भी मिलता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं ग्राम प्रधान करिश्मा देवी ने कहा कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि गांव के छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच मिल सके।
गांव की संस्कृति, भाषा और प्रतिभाओं को बढ़ावा देना लक्ष्य
कार्यक्रम संयोजक अनिल हटवाल ने कहा कि प्रथम हटवाल गांव महोत्सव का उद्देश्य गांव की संस्कृति, भाषा और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में महोत्सव को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। साथ ही समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित करने की परंपरा आगे बढ़ाई जाएगी।
महोत्सव के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की मातृशक्ति, युवा शक्ति और बच्चों की बड़ी सहभागिता रही।
इस अवसर पर कमलेश सकलानी, दिनेश उनियाल, राजू नेगी, शूरवीर सिंह, सचिन हटवाल, बचन हटवाल, गुलाब सिंह, अनिता उनियाल, हेमा रावत, गुड्डी रौतेला, यशु उनियाल, मतेन्द्र संगीत कठैत, कविता बहुगुणा सिंह, रोहित सिंह, अंशुल हटवाल, सत्येंद्र, महेश, कमान सिंह, नवीन सिंह, नीतिन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

