बद्रीनाथ मार्ग के होटल-रेस्टोरेंटों में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 8 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे
एनालॉग पनीर व गैर-दुग्ध उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर रोक के लिए विशेष अभियान; किचन, स्टोर, लेबलिंग और FIFO व्यवस्था की जांच
टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, टिहरी की टीम ने शुक्रवार को बद्रीनाथ मार्ग स्थित विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड विनय शंकर पांडे के निर्देश तथा जिलाधिकारी टिहरी के मार्गदर्शन में संचालित विशेष अभियान के तहत की गई।
अभियान का प्रमुख उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ एनालॉग पनीर तथा गैर-दुग्ध उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर प्रभावी रोक लगाना रहा। निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों के किचन और स्टोर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण तथा निर्माण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।
कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल एवं रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर का निरीक्षण करते हुए खाद्य निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे दुग्ध पदार्थों के वास्तविक स्रोत की जानकारी ली। इसके साथ ही अन्य कच्चे माल की खरीद के बिल, निर्माण प्रक्रिया में प्रयुक्त सामग्री, खाद्य उत्पादों की लेबलिंग एवं पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा आवश्यक घोषणाओं की भी जांच की गई।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों का भंडारण निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। किचन की स्वच्छता, खाद्य सामग्री को रखने की व्यवस्था तथा कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं का भी निरीक्षण किया गया।
अलोहा, रोजैट और होटल ताज के किचन-स्टोर की जांच
अभियान के दौरान अलोहा, रोजैट एवं होटल ताज सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों के किचन और स्टोर का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति के साथ-साथ FIFO (First In, First Out) प्रणाली के अनुपालन की भी जांच की।
FIFO व्यवस्था के तहत पहले प्राप्त खाद्य सामग्री का उपयोग पहले किया जाना सुनिश्चित किया जाता है, जिससे लंबे समय तक रखी सामग्री के इस्तेमाल अथवा उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना को कम किया जा सके।
इसके अलावा किचन में खाद्य निर्माण के लिए प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट तथा खाद्य प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण से संबंधित अभिलेख भी देखे गए।
निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण तथा FIFO प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य निर्माण और परोसने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीम ने दाल, आटा, पोहा, सब्जी, चीनी, मैदा एवं बेकरी उत्पाद सहित कुल आठ खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
अब प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
टिहरी जनपद में पर्यटन गतिविधियों और होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय की दृष्टि से बद्रीनाथ मार्ग सहित प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों का विशेष महत्व है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के निरीक्षणों से न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी, बल्कि होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को भी खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाया जा सकेगा।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व उपायुक्त, गढ़वाल मंडल राजेंद्र सिंह रावत ने किया। अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद टिहरी प्रमोद रावत, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत चौहान सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आगे भी खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण एवं नमूना संग्रह की कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
