रिवर्स पलायन और कीवी बागवानी से बदली रवि केमवाल की किस्मत
टिहरी/दिनांक 04 जून 2025।
बेंगलुरु और चंडीगढ़ की चकाचौंध भरी नौकरी छोड़कर जब रवि केमवाल ने टिहरी जनपद के बागी गांव में अपने बंजर खेतों की ओर रुख किया, तो यह सिर्फ एक रिवर्स माइग्रेशन नहीं, बल्कि संकल्प और स्वावलंबन की नई कहानी की शुरुआत थी। आज वह कीवी बागवानी, अखरोट, अदरक, प्याज, और आलू की खेती से आत्मनिर्भर किसान के रूप में उभरे हैं।
🍃 बिना योजना-सब्सिडी के बनाई नई राह
रवि बताते हैं कि उन्होंने कोई सरकारी योजना या सब्सिडी का लाभ लिए बिना वर्ष 2019 से खेती शुरू की। शुरुआती घाटे के बावजूद उन्होंने हिमाचल के सोलन से कीवी की एलिसन प्रजाति मंगाकर एक प्रयोग शुरू किया, जो सफल रहा।
“शुरू में कीवी का साइज छोटा था, लेकिन 2023 में स्टैंडर्ड साइज के कीवी ने बाज़ार में अच्छी मांग बना ली। चम्बा, नागड़ी, गजा, आगराखाल और नरेंद्रनगर जैसे छोटे बाजारों में ही सारा माल बिकने लगा,” – रवि केमवाल।
📦 ऑनलाइन मार्केटिंग और यूट्यूब से जुड़ा किसान ब्रांड
‘पहाड़ी लाइफ’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले रवि सोशल मीडिया के ज़रिये कीवी बेचते हैं। उन्हें कई खरीदार ऑनलाइन माध्यमों से मिले। 2024 में एक लाख रुपये का मुनाफा कमाने वाले रवि ने इस साल 10 क्विंटल उत्पादन और तीन लाख की आमदनी का लक्ष्य रखा है।
🧠 इंजीनियर से किसान बनने की प्रेरणादायक यात्रा
- एमबीए (आईटी) कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से
- टोयोटा कंपनी, बेंगलुरु में इंजीनियर के पद पर कार्यरत
- कोरोना काल में गांव लौटने का निर्णय
- पहाड़ी जीवन शैली को अपनाकर खेती में नवाचार
“पहाड़ी व्यंजन, पर्यावरण, और आत्मनिर्भरता ने मेरी सोच और जीवन शैली दोनों को ही बदल दिया,” – रवि केमवाल।
✅ राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाएं अब दे रहीं हैं सहारा
हालांकि रवि ने बिना किसी सरकारी सहायता के शुरुआत की, मगर अब वे बताते हैं कि राज्य सरकार की 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी वाली योजनाएं, जैसे:
- मोटा अनाज योजना
- कीवी बागवानी
- ड्रैगन फ्रूट की खेती
… पहाड़ के किसानों के लिए आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही हैं।
“ड्रैगन फ्रूट पर 80% सब्सिडी जैसी योजना किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी,” – रवि।
एक नज़र में – रवि केमवाल की कीवी क्रांति
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| गांव | बागी, टिहरी गढ़वाल |
| शिक्षा | MBA (IT), कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी |
| पूर्व कार्य | इंजीनियर, टोयोटा (बेंगलुरु) |
| वर्ष | 2019 से खेती शुरू |
| मुख्य फसल | कीवी (एलिसन प्रजाति) |
| 2024 लाभ | ₹1 लाख |
| 2025 लक्ष्य | 10 क्विंटल उत्पादन, ₹3 लाख आमदनी |
| अन्य फसलें | अखरोट, आलू, प्याज, अदरक |
