बौराड़ी स्थित बाल संरक्षण गृह एवं दत्तक ग्रहण केंद्र का एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया निरीक्षण
बौराड़ी स्थित बाल संरक्षण गृह एवं दत्तक ग्रहण केंद्र का एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया निरीक्षण
बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास व्यवस्थाओं का लिया जायजा; संस्थान की व्यवस्थाएं मिलीं संतोषजनक
नई टिहरी | 24 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया
जनपद टिहरी गढ़वाल में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं समग्र विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (एडीएम) शैलेन्द्र सिंह नेगी ने गुरुवार देर शाम बौराड़ी स्थित एसओएस बाल संरक्षण गृह एवं दत्तक ग्रहण केंद्र का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, देखभाल एवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण में संस्थान की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
दत्तक ग्रहण केंद्र में नवजात, संरक्षण गृह में 39 बच्चे रह रहे हैं
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने दत्तक ग्रहण केंद्र एवं एसओएस बाल संरक्षण गृह में रह रहे बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान दत्तक ग्रहण केंद्र में एक नवजात शिशु तथा एसओएस बाल संरक्षण गृह में ग्रुप फोस्टर केयर के अंतर्गत 39 बालक-बालिकाएं निवासरत पाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि सभी बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही सभी बच्चे नियमित रूप से विद्यालयों में अध्ययनरत हैं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षित एवं पारिवारिक वातावरण पर जताया संतोष
निरीक्षण दल ने संस्थान में बच्चों के लिए उपलब्ध कराए गए सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण की सराहना की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं की गई हैं और उनके व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बच्चों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि बच्चों का संरक्षण और उनका समग्र विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संबंधी सेवाओं का संचालन गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से किया जाए।
उन्होंने संस्थान की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए तथा भविष्य में भी बच्चों के हित में समर्पित भाव से कार्य करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।
विशेषज्ञों की टीम भी रही मौजूद
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। निरीक्षण दल में—
- एसीएमओ डॉ. बृजेश डोभाल
- मनोचिकित्सक डॉ. रीना सिंह
- जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल
- शिक्षा विभाग से सुरेश प्रसाद उनियाल
- किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य अमीता रावत
- पूर्व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य प्रेम सिंह बनगाई
शामिल रहे।
निरीक्षण दल ने संस्थान की व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन करते हुए बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सेवाओं के सतत सुधार पर बल दिया।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- ✅ एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बौराड़ी स्थित एसओएस बाल संरक्षण गृह का त्रैमासिक निरीक्षण किया।
- ✅ दत्तक ग्रहण केंद्र में एक नवजात एवं संरक्षण गृह में 39 बच्चे रह रहे हैं।
- ✅ बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध।
- ✅ सुरक्षित एवं पारिवारिक वातावरण पर निरीक्षण दल ने जताया संतोष।
- ✅ संरक्षण एवं पुनर्वास सेवाओं को और गुणवत्तापूर्ण बनाने के दिए निर्देश।
