मानसून सत्र एवं चारधाम यात्रा को लेकर टिहरी प्रशासन अलर्ट, सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जारी किए सख्त आदेश, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक; मोबाइल 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 18 जून 2026, SKS News।
मानसून सत्र-2026 तथा वर्तमान में संचालित चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों एवं अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करते हुए मानसून अवधि में मुख्यालय पर उपलब्ध रहने और आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-30 के अंतर्गत जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मानसून सत्र 15 जून से 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान भारी वर्षा, भूस्खलन, सड़क अवरोध, बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को देखते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष एवं अधिकारी कार्यदिवसों के साथ-साथ अवकाश के दिनों में भी बिना पूर्व अनुमति अपना मुख्यालय अथवा कार्यक्षेत्र नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश मुख्यालय छोड़ना आवश्यक हो, तो इसके लिए जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही अपने स्थान पर अधिकृत प्रतिस्थानी अधिकारी का नाम, पद एवं संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके।
आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन चौबीसों घंटे सक्रिय रखें। किसी भी स्थिति में मोबाइल फोन स्विच ऑफ अथवा नॉट रीचेबल नहीं होना चाहिए। आपदा अथवा आपातकाल की स्थिति में त्वरित सूचना आदान-प्रदान एवं समन्वय के लिए यह व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इन निर्देशों से अवगत कराएं तथा उनका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित आपदा या आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में देरी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन का उद्देश्य मानसून अवधि एवं चारधाम यात्रा के दौरान जनपद में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है। इसके लिए सभी विभागों को पूर्ण समन्वय, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
