तल्ला चंबा में लंगूर का आतंक, दो दिनों में दो बच्चों पर हमला; वन विभाग से कार्रवाई की मांग
फॉरेस्ट कॉलोनी में दिव्यांग बालक प्रियांशु पर लंगूर ने किया हमला, स्थानीय लोगों ने बचाई जान; बढ़ती आक्रामकता से क्षेत्रवासी चिंतित
चंबा (टिहरी गढ़वाल), 18 जून 2026, SKS News।
रिपोर्ट : सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
तल्ला चंबा क्षेत्र में इन दिनों लंगूरों की बढ़ती आक्रामकता स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। बीते दो दिनों के भीतर दो बच्चों पर लंगूर के हमले की घटनाएं सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फॉरेस्ट कॉलोनी में निवासरत राकेश बिजल्वाण के पुत्र प्रियांशु पर गुरुवार को अचानक एक लंगूर ने हमला कर दिया। बताया गया कि दिव्यांग बालक प्रियांशु अपने साथियों के साथ श्रीदेव सुमन इंटर कॉलेज में आयोजित ट्रेड फेयर देखने जा रहा था। इसी दौरान एक पेड़ पर बैठा लंगूर अचानक नीचे उतरा और बच्चों पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान लंगूर ने प्रियांशु के हाथ पर नाखून और दांतों से चोट पहुंचाई। घटना के समय आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर बच्चे को लंगूर के हमले से बचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोगों द्वारा भगाए जाने के बाद भी लंगूर बार-बार हमला करने का प्रयास करता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार लगभग छह माह पूर्व भी इसी बालक पर लंगूर द्वारा हमला किया गया था। वहीं, एक दिन पूर्व क्षेत्र में रहने वाले एक नेपाली मूल के बच्चे पर भी लंगूर ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। घायल बच्चे को उपचार एवं एंटी रेबीज टीकाकरण के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे की सहायता की। उन्होंने बच्चे के पिता को फोन के माध्यम से घटना की जानकारी दी तथा अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था में सहयोग किया। साथ ही वन क्षेत्राधिकारी प्रबोध पांडे को भी घटना से अवगत कराया गया। घायल बालक को अस्पताल पहुंचाने के लिए तत्काल वाहन की व्यवस्था भी कराई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से तल्ला चंबा क्षेत्र में दो से तीन लंगूर लगातार देखे जा रहे हैं। समय के साथ उनकी संख्या बढ़ रही है, लेकिन पहले वे सामान्यतः लोगों पर हमला नहीं करते थे। हाल के दिनों में उनकी आक्रामकता में वृद्धि देखने को मिली है, जिसके कारण बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से मांग की है कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आक्रामक लंगूरों को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की है।
