राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के उपलक्ष में लगाया एक दिवसीय शिविर
देहरादून: राजकीय महाविद्यालय देहरादून शहर में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के उपलक्ष में महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर लगाया गया। शिविर के प्रथम प्रहर में छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के आसपास उगी झाड़ियों को काटकर तथा कूड़े का निस्तारण उसे जलाकर किया।
शिविर के द्वितीय प्रहर में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया तथा साथ ही साथ ई रक्त कोश में पंजीकरण करवाया और संकल्प लिया कि वह अपने सभी परिवार के सदस्यों एवं आस पड़ोस के लोगों को ई रक्त कोश में पंजीकरण हेतु जागरूक करेंगे, साथ ही साथ महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता ही सेवा एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया जा रहा है, जैसे पोस्टर, स्लोगन, मेहंदी, नृत्य नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएंसंचालित की जा रही हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर एम०पी० नगवाल द्वारा सभी स्वयंसेवियों को आशीर्वाद दिया गया कि वह भविष्य में समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करेंगे।
प्रोफेसर एन०डी० तिवारी विभाग प्रभारी हिंदी ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व को बताते हुए कहा कि महाविद्यालय में संचालित होने वाली सभी गतिविधियों में स्वयं सेवियों को प्रतिभाग की प्रथम पंक्ति में खड़ा होना चाहिए। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ मुक्ता डंगवाल द्वारा स्वयं सेवियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले राज्य स्तर,राष्ट्र स्तर पर होने वाले विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों से अवगत करवाया गया जैसे साहसिक शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण आदि। साथ ही साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत के कार्यक्रम में उत्तराखंड और कर्नाटक दोनों राज्यों को पियर किया गया है जिससे हमारे स्वयं सेवी कर्नाटक जाकर वहां की संस्कृति से रूबरू होंगे तथा कर्नाटक के स्वयं सेवी उत्तराखंड आ कर उत्तराखंड की संस्कृति को नजदीकी से समझेंगे एवं पहचानेंगे।
कार्यक्रम अधिकारी ने सभी सम्मानित सदस्यों को धन्यवाद देते हुए स्वयंसेवियों को आगामी शिविरों में मनोयोग से प्रतिभाग करने की शुभकामनाएं दी। स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
