ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताओं में झलकेगा विकसित भारत का संकल्प: डॉ. धन सिंह रावत
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में होंगे आयोजन, 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं करेंगे प्रतिभाग
देहरादून, 1 सितंबर 2026। प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने और उनमें ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के प्रतिभाग करने की संभावना है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर चारों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
चित्रों और भाषणों के माध्यम से व्यक्त होंगे सपने और संकल्प
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आगामी ‘सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 25 वर्ष’ अभियान के तहत आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर देंगी।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं चित्रकला और भाषण के माध्यम से विकसित भारत के प्रति अपने विचार, सपने और संकल्प व्यक्त करेंगे। विद्यालयों में उत्कृष्ट चित्रों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके।
विद्यालय से राज्य स्तर तक होगी प्रतियोगिता
शिक्षा मंत्री ने बताया कि विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। श्रेष्ठ प्रतिभागियों को आगे जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनियों में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से प्रतियोगिताएं आयोजित कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय मंच के लिए किया जाएगा। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
सभी शिक्षण संस्थानों तक पहुंचेगा अभियान
डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा अभियान की प्रभावी पहुंच प्रत्येक शिक्षण संस्थान तक सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता से न केवल उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि युवा पीढ़ी में देश के विकास, सुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सोच भी मजबूत होगी।
संयुक्त बैठक में अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
