रीप परियोजना के तहत चंबा क्षेत्र में आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण, गुणवत्ता और बाजार विस्तार पर जोर
परियोजना निदेशक ज्योति एवं जिला परियोजना प्रबंधक ने किया स्थलीय निरीक्षण; फूड कार्ट, टिफिन सेवा, डेयरी, ब्लूबेरी फार्मिंग और कृषि व्यवसाय केंद्र की गतिविधियों की ली जानकारी
टिहरी गढ़वाल, 26 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी और बेहतर अवसर विकसित करने के उद्देश्य से संचालित रीप (REAP) परियोजना के अंतर्गत चंबा विकासखंड में संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशों के क्रम में परियोजना निदेशक ज्योति (आईएएस प्रशिक्षु) एवं जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (REAP) ब्रह्मा कांत भट्ट ने क्षेत्र भ्रमण कर स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक संस्थाओं तथा विभिन्न व्यवसायिक इकाइयों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, संचालन व्यवस्था, गुणवत्ता, बाजार की संभावनाओं तथा भविष्य में विस्तार की संभावनाओं की जानकारी ली। संबंधित टीमों को गतिविधियों को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
अभिनंदन स्वयं सहायता समूह के फूड कार्ट का निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण की शुरुआत अभिनंदन आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फूड कार्ट के निरीक्षण से हुई। अधिकारियों ने फूड कार्ट में संचालित गतिविधियों तथा टिफिन सर्विस के संबंध में जानकारी ली।
अधिकारियों ने टिफिन सेवा को ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आय का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, समयबद्ध सेवा तथा ग्राहकों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। टिफिन सेवा को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।
FPO और अभिनंदन CLF कार्यालय की गतिविधियों की समीक्षा
इसके बाद अधिकारियों ने FPO कार्यालय एवं अभिनंदन CLF कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां संचालित गतिविधियों, सामुदायिक संस्थाओं के कार्यों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने समूहों और सामुदायिक संस्थाओं की गतिविधियों को केवल योजना आधारित कार्य तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावसायिक रूप से मजबूत एवं बाजारोन्मुख बनाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही अभिनंदन CLF द्वारा संचालित डेयरी फार्मिंग गतिविधि का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। डेयरी इकाई के संचालन, उपलब्ध संसाधनों और आजीविका से होने वाले लाभ की जानकारी लेते हुए इसे अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वे साइड ईटरी और ब्लूबेरी फार्मिंग का भी निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में हेवलघाटी CLF द्वारा संचालित Way Side Eatery, कृषि व्यवसाय केंद्र भंडारगांव, ब्लूबेरी फार्मिंग तथा ग्राम गुनोगी में संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने इन गतिविधियों के संचालन की स्थिति, उत्पाद एवं सेवाओं की गुणवत्ता तथा भविष्य में इनके विस्तार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
ब्लूबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ कृषि व्यवसाय केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया।
अधिक उत्पादन वाली फसलों का तैयार होगा डेटा
निरीक्षण के दौरान FPO स्टाफ को 10 सितंबर तक सभी CLF से अधिक उत्पादन वाली फसलों का डेटा एकत्रित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर FPO के अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की सूची तैयार की जाए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उत्पादन, बाजार की मांग और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त उत्पादों का चयन, संग्रहण और आगे की प्रक्रिया व्यवस्थित की जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों और स्वयं सहायता समूहों को उनकी उपज का बेहतर आर्थिक लाभ दिलाना है।
डेयरी और SHG गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर
डेयरी फार्मिंग गतिविधि के निरीक्षण के दौरान रानी स्वयं सहायता समूह (SHG) से संबंधित गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया।
परियोजना निदेशक ने रानी SHG के लिए ब्लॉक स्तर पर गोबर एवं प्लांट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वयं सहायता समूह की आजीविका गतिविधियों को और मजबूत करना है।
इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को अपशिष्ट के बजाय उपयोगी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने तथा समूह की आय बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिल सकता है।
गुणवत्ता, प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव जरूरी
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक ज्योति एवं जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्मा कांत भट्ट ने संबंधित टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आजीविका गतिविधियों में गुणवत्ता, नियमित संचालन, बेहतर प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने विशेष रूप से फूड कार्ट एवं टिफिन सेवा की गुणवत्ता सुधारने, गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाओं को विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका गतिविधियों की सफलता केवल इकाई स्थापित करने से नहीं, बल्कि उसके निरंतर संचालन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर विपणन और स्थायी आय से सुनिश्चित होगी।
समुदाय को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर फोकस
क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
रीप परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को स्थानीय संसाधनों और कौशल के आधार पर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। चंबा क्षेत्र में फूड कार्ट, टिफिन सर्विस, डेयरी फार्मिंग, कृषि व्यवसाय, ब्लूबेरी उत्पादन और वे साइड ईटरी जैसी गतिविधियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विविध आय स्रोतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती हैं।
अधिकारियों ने गतिविधियों की नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय तथा समुदाय को अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
क्षेत्र भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान ब्लॉक टीम रीप, अभिनंदन CLF टीम तथा हेवलघाटी CLF टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
