रेड अलर्ट: टिहरी गढ़वाल में 20 जुलाई को सभी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल का आदेश जारी; कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी व अशासकीय विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित
नई टिहरी | 19 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा 20 जुलाई 2026 के लिए जारी रेड अलर्ट के मद्देनज़र जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जनपद के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार, 20 जुलाई को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।
जारी आदेश के अनुसार, जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालय (कक्षा 1 से 12 तक) तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार को पूर्णतः बंद रहेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन समितियों, प्रधानाचार्यों एवं संबंधित अधिकारियों को आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई विद्यालय प्रशासन निर्देशों की अवहेलना करता है और उसके कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य अथवा विद्यालय प्रबंधक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की आमजन से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि—
अनावश्यक यात्रा से बचें।
भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क एवं सुरक्षित रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
मुख्य बिंदु (Highlights)
✅ 20 जुलाई को टिहरी गढ़वाल में सभी विद्यालय रहेंगे बंद।
✅ कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी, निजी और अशासकीय विद्यालयों पर लागू।
✅ सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद।
✅ रेड अलर्ट के चलते जिलाधिकारी ने जारी किया आदेश।
✅ आदेश उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत होगी कार्रवाई।

