वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि, टिहरी के डंडासली गांव से निकलकर बने जननेता
देहरादून/चंबा (टिहरी गढ़वाल), 27 जुलाई 2026 | सरहद का साक्षी, डिजिटल मीडिया
उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा इंटक (INTUC) के प्रदेश अध्यक्ष रहे हीरा सिंह बिष्ट का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान और भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ संपन्न हुआ। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि, समर्थक एवं आमजन अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित उनके आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का सार्वजनिक जीवन समाज सेवा, श्रमिक हितों और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा। उनका निधन उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।
टिहरी की धरती से शुरू हुआ जनसेवा का सफर
हीरा सिंह बिष्ट मूल रूप से टिहरी गढ़वाल जनपद के चंबा ब्लॉक अंतर्गत डंडासली गांव के निवासी थे। बाद में उनका परिवार देहरादून में बस गया, लेकिन अपने पैतृक गांव और टिहरी से उनका आत्मीय संबंध जीवनभर बना रहा। विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में उनका गांव आना-जाना लगातार बना रहता था।
छात्र राजनीति से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का सफर
हीरा सिंह बिष्ट ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की। इसके बाद उन्होंने श्रमिक आंदोलनों और मजदूर संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई तथा कर्मचारियों और श्रमिकों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया।
उनकी सरलता, सौम्यता, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें कांग्रेस संगठन में मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व निभाए, विधायक चुने गए और बाद में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
श्रमिक हितों के लिए आजीवन संघर्ष
इंटक के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हीरा सिंह बिष्ट ने श्रमिकों, कर्मचारियों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया। श्रमिक संगठनों को सशक्त बनाने और उनके हितों की आवाज सरकार तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजनीतिक जीवन में भी उनकी पहचान एक सहज, सुलभ और जनप्रिय नेता के रूप में रही।
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, पूर्व मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, टिहरी विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र चंद रमोला, त्रिलोक सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष साब सिंह सजवाण, सोबन सिंह नेगी, सूरत सिंह नेगी सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन, सादगी और जनसेवा को याद किया।
अपूरणीय क्षति
हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन कर्मचारियों, मजदूरों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उनका निधन कांग्रेस परिवार ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और श्रमिक आंदोलन के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
