विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अगस्त्यमुनि महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का आयोजन
यूथ रेडक्रॉस इकाई और उत्तराखंड यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से छात्र-छात्राओं को सी.पी.आर. सहित अनेक जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण
अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग):
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि की यूथ रेडक्रॉस इकाई द्वारा उत्तराखंड यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दलीप सिंह बिष्ट ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से सेवा और सहयोग की भावना जागृत होती है। रेडक्रॉस संगठन आपदा के समय सदैव अग्रणी भूमिका में रहता है, अतः विद्यार्थियों को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
जनपद समन्वयक श्री मुंशी चौम्याल ने रेडक्रॉस के प्रमुख कार्यों की जानकारी दी तथा RC-1, RC-2 और RC-3 के महत्व को विस्तार से बताया।
प्रशिक्षक श्री मनीष कंसारिया ने रेडक्रॉस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए आपदा के समय अपनाई जाने वाली व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विशेष रूप से सी.पी.आर. (CPR) की तकनीक को डमी के माध्यम से छात्रों को सिखाया।
राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग के नोडल अधिकारी डॉ. विक्रम वीर भारती ने कहा कि जब तक व्यक्ति संवेदनशील नहीं होता, सेवा का भाव उत्पन्न नहीं होता। रेडक्रॉस से प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग छात्र विषम परिस्थितियों में समाज की भलाई के लिए कर सकते हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. तनुजा मौर्य ने रेडक्रॉस को एक मानवीय संगठन बताया जो वैश्विक स्तर पर आपदा राहत कार्यों में सक्रिय रहता है।
कार्यक्रम का संचालन सह नोडल अधिकारी डॉ. ममता थपलियाल ने किया।
इस अवसर पर जखोली महाविद्यालय से डॉ. सुभाष कुमार, रुद्रप्रयाग महाविद्यालय से डॉ. पुजारानी, गुप्तकाशी से डॉ. आजाद सिंह, डॉ. शादाब आलम, डॉ. हितेन शर्मा सहित लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को एलबेन्डाजोल टेबलेट भी वितरित की गई।
