स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा की प्रगति, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर
स्थान/तिथि: पोखरी, 25 अगस्त।
शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय, पोखरी क्वीली का स्थापना दिवस समारोह बड़े हर्ष और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शशिबाला वर्मा ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ने क्षेत्रीय शिक्षा की दिशा में निरंतर प्रगति की है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) के अध्यक्ष श्री ईश्वरी बिजल्वाण ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का मार्ग है।
जिला पंचायत सदस्य एवं पीटीए उपाध्यक्ष श्री ज्योत सिंह असवाल ने महिलाओं की शिक्षा और उनकी भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया।
पीटीए के कोषाध्यक्ष श्री दिनेश रावत ने महाविद्यालय की प्रगति हेतु अभिभावकों और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।
पीटीए की सह-सचिव श्रीमती किरण बिजल्वाण ने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को भी आवश्यक बताया।
थन्यूल की प्रधान श्रीमती मंजू रावत ने कहा कि शिक्षा के प्रसार से ही ग्रामीण क्षेत्र का विकास संभव है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री दीपक बिजल्वाण ने युवाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित किया।
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका प्रत्यक्ष लाभ समाज तक पहुँचे। अन्य प्राध्यापकों ने भी महाविद्यालय की उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा पर गर्व व्यक्त किया।
सांस्कृतिक समिति के संयोजक डॉ. गणेश भागवत एवं सहसंयोजक डॉ. वंदना सेमवाल के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिनसे वातावरण उल्लासमय हो उठा। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरिता देवी एवं डॉ. वंदना सेमवाल ने संयुक्त रूप से किया।
अंत में डॉ. नीमा भेतवाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. मुकेश सेमवाल, श्रीमती रेखा नेगी, श्री मुकेश रतूड़ी, श्री अंकित सैनी, श्रीमती सुनीता असवाल, श्री नरेश रावत, श्री दीवान सिंह, श्री राजेंद्र प्रसाद, श्री मूर्ति लाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं में सुमन, कोमल, अनीषा, निकिता, मीनाक्षी, किरन, दिया, दिव्या, मनीष आदि की सहभागिता विशेष रही।
