मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पुलिस ट्रेनिंग अकादमी की पहल, कूड़ा निस्तारण व डस्टबिन स्थापना से स्वच्छता को बढ़ावा
टिहरी | 15 जनवरी, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद टिहरी गढ़वाल में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर निरंतर प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल द्वारा 1 जनवरी से प्रारम्भ किए गए विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत तहसील प्रतापनगर क्षेत्र में स्थित पौराणिक सेम मुखेम क्षेत्र में मेले के उपरांत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
पौराणिक आस्था के केंद्र सेम मुखेम में स्वच्छता पर विशेष जोर
सेम मुखेम क्षेत्र में आयोजित होने वाला प्राचीन एवं पौराणिक मेला भगवान श्रीकृष्ण के नागराजा स्वरूप को समर्पित है। यह मेला प्रत्येक तीन वर्ष में आयोजित होता है, जिसमें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मेले के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण क्षेत्र में कूड़ा-कचरा एकत्र हो जाता है, जिससे पर्यावरण एवं स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

मेले के समापन के तुरंत बाद पुलिस ट्रेनिंग अकादमी, नरेंद्रनगर द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत पूरे परिसर में फैले प्लास्टिक, जैविक एवं अन्य प्रकार के कचरे को एकत्र कर उसका समुचित एवं सुरक्षित निस्तारण किया गया।
डस्टबिन स्थापना से दीर्घकालिक स्वच्छता की पहल
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से सेम मुखेम परिसर में नेट युक्त डस्टबिन भी स्थापित किया गया। यह डस्टबिन विशेष रूप से इस क्षेत्र में बंदरों द्वारा कचरा फैलाने की समस्या को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, ताकि श्रद्धालु आसानी से कचरा निर्धारित स्थान पर डाल सकें और परिसर की स्वच्छता बनी रहे।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं न केवल तात्कालिक स्वच्छता सुनिश्चित करती हैं, बल्कि श्रद्धालुओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।
पुलिस ट्रेनिंग अकादमी की सक्रिय भूमिका
इस विशेष स्वच्छता अभियान के संबंध में पीटीसी के महानिरीक्षक अनंत ताकवाले ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान टीमवर्क और सामाजिक दायित्व की भावना से संचालित किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान में—
- पुलिस उपाधीक्षक अखलेश कुमार,
- एडिशनल एसआई महेश राणा,
- एच.सी. आईटीआई प्रकाश गुसाईं,
- सी.पी.टी.आई. बाबूराम,
- प्रशिक्षु उपाधीक्षकगण दिव्येश उपाध्याय, अंकित थपलियाल, लव शर्मा, दक्ष शोखंद, समीरण भट्ट, विनय सिंह, आदित्य तिवारी, दीप्ति केड़ा, तनुजा बिष्ट, अवनी तिवारी,
- उपनल चालक भूपेंद्र खनेड़ा,
- उपनल अनुचर विमल,
सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और श्रमदान किया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि तीर्थ एवं धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए, तो पर्यटन, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण—तीनों को समान रूप से लाभ मिल सकता है।
सेम मुखेम मेले के उपरांत चलाया गया यह विशेष स्वच्छता अभियान उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन और राज्य सरकार की स्वच्छता नीति को जमीनी स्तर पर सशक्त करता है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, जिला प्रशासन की सक्रियता और पुलिस ट्रेनिंग अकादमी की सहभागिता से यह पहल अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।
