2010 के बाद हुए सभी विवाहों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने के आदेश, 31 जनवरी अंतिम तिथि
टिहरी | 15 जनवरी, 2026
जनपद टिहरी गढ़वाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में यूसीसी की प्रगति को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2010 के बाद संपन्न हुए सभी विवाहों के पंजीकरण को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
19 हजार का लक्ष्य, किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 2010 के बाद हुए विवाहों के पंजीकरण के लिए 19 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे हर हाल में पूरा किया जाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि—
- 20 जनवरी तक स्वीकृत (अभिस्वीकृत/पुष्ट) आवेदनों के डाटा की पोर्टल पर अनिवार्य रूप से जांच की जाए।
- जिन व्यक्तियों का पंजीकरण शेष है, उनसे फोन के माध्यम से संपर्क कर उन्हें प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
- 31 जनवरी, 2026 तक सभी शेष विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह विषय शासन की प्राथमिकता में है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
विशेष अभियान चलाने के निर्देश
डीएम नितिका खण्डेलवाल ने जिला पंचायती राज अधिकारी एम.एम. खान को निर्देशित किया कि वे विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें। साथ ही तहसीलवार एवं निकायवार प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वास्तविक स्थिति की निरंतर निगरानी की जा सके।
नगर निकायों की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में विभिन्न नगर निकायों एवं क्षेत्रों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई—
- अधिशासी अधिकारी चम्बा, प्रशांत ने अवगत कराया कि किए गए सर्वेक्षण में 103 दंपत्तियों का विवाह पंजीकरण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष से फोन के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है।
- अधिशासी अधिकारी मुनि की रेती, अंकिता जोशी ने बताया कि 11 वार्डों में किए गए सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त 170 आवेदनों में से 130 का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
- अधिशासी अधिकारी देवप्रयाग ने जानकारी दी कि सर्वे में सामने आए 20 में से 13 दंपत्तियों का पंजीकरण किया जा चुका है।
- अधिशासी अधिकारी लंबगांव ने बताया कि 40 में से 15 दंपत्तियों का विवाह पंजीकरण अब तक पूर्ण कराया गया है।
इन आंकड़ों पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए शेष मामलों में तेज गति से कार्रवाई के निर्देश दिए।
समय सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करते हुए शेष आवेदनों का निस्तारण करें और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
वर्चुअल माध्यम से भी रही व्यापक सहभागिता
इस समीक्षा बैठक में सब रजिस्ट्रार प्रतीक, अधिशासी अधिकारी टिहरी, बासूदेव डंगवाल, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सूरज सहित अन्य अधिशासी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे और अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
यूसीसी के तहत विवाह पंजीकरण का महत्व
प्रशासन का मानना है कि समान नागरिक संहिता के तहत विवाह पंजीकरण—
- कानूनी पहचान को मजबूत करता है,
- महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है,
- सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के लाभ में पारदर्शिता लाता है।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
Editorail View:
यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण को लेकर टिहरी प्रशासन का यह सख्त रुख स्पष्ट संकेत देता है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में और तेज कार्रवाई देखने को मिलेगी। निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य की पूर्ति न केवल प्रशासनिक सफलता होगी, बल्कि जनपद में कानूनी एवं सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित होगी।
समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत विवाह पंजीकरण के लिए Anurag Computer’s & CSC CSP, मेन मार्केट नकोट, टिहरी गढ़वाल (मोबा. 7455813001) से सम्पर्क करें।
