Administrator
“खबर वही होती है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब विज्ञापन है। मकसद स्पष्ट होना चाहिए। असल मायने यह है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं। मैं न केवल कलमकार हूँ, बल्कि खबरों के छपने की नींव भी हूँ। इस व्यवस्था का हिस्सेदार हूँ, और इसे बदलने का इच्छुक भी। भावनाओं के साथ बुद्धि का संतुलन रखता हूँ, सच्चाई का साथ और झूठ का विरोध करता हूँ।“
