शरीर के लिए जितनी आवश्यक है सुख- सुविधा, आत्मा के लिए आध्यात्म: आचार्य दुर्गेश
चम्बा, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’: थौलधार प्रखंड के ग्राम भैंसकोटी (उदयपुर) में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर व्यासपीठ से राष्ट्रीय संत डॉ दुर्गेश महाराज ने अनेक रोचक कथाएं सुनायी। ज्ञान का सार श्रोता- भक्तों के सम्मुख प्रस्तुत किया। सनातन धर्म की महिमा, गौ- गंगा, ब्राह्मण और संतों का आदर, महिलाओं का सम्मान,नशे की प्रवृत्ति पर रोक आदि को भागवत के महात्म्य से जोड़कर रोचक ढंग से कथाओं के माध्यम से सुनाया। कृष्ण- सुदामा प्रेम,भक्त और भगवान के बीच के प्रेम के रूप में उद्धृत करते हुए श्रोताओं की भावनाओं को भी खूब गुदगुदाया।
विदित है कि भैंसकोटी के मूलनिवासी, सुभाष इंटर कॉलेज थौलधार के पूर्व प्रधानाचार्य और वर्तमान प्रबंधक, परिपूर्णानंद सकलानी उनके भाइयों सच्चिदानंद और शशि शेखर सकलानी, परिवारजनों और बंधु- बांधवों के द्वारा स्वर्गीय प्रेमवती सकलानी जी के एकोदिष्ठ वार्षिक श्राद्ध के उपलक्ष में इस ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन किया गया। विगत वर्ष 104 वर्ष की उम्र में उनकी माता जी का देहावसान हुआ था। पिता स्वर्गीय कीर्तिदत्त सकलानी उद्भट विद्वान और एक आदर्श शिक्षक थे। अपने पितरों के आत्मा के उद्धार्थ इस ज्ञान यज्ञ समापन अवसर पर महाप्रसाद भोज के रूप में सैकड़ो लोगों ने भोजन ग्रहण किया तथा व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया।
उदयपुर पट्टी का भैंसकोटी गांव एक सांस्कृतिक गांव है। यहां सकलानी, बिष्ट और भट्ट तीन जाति के लोग निवास करते हैं और सहोदर भाईयों की तरह पारिवारिक लोगों के संबंध हैं। धर्म, संस्कृति, शिक्षा और संपन्नता में यह गांव प्रखंड में अच्छी स्थिति रखता है।
इस गांव के नाते- रिश्ते भी दूूर-दराज और अच्छे शिक्षित लोगों के साथ हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में देश-विदेश में रहने वाले नाते- रिश्तेदार और ग्रामवासी इस महायज्ञ में सम्मिलित हुए। कमांद कस्बे लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर सड़क मार्ग से जुड़ा यह गांव अवस्थित है। प्राकृतिक वनस्पति, कृषि और चारों तरफ से जल स्रोत होने के कारण इस गांव का अनुपम इतिहास रहा है।
आज श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान कथा यज्ञ के बहाने अनेक सहपाठियों मित्रों, सहकर्मियों, परिचितों और स्व बांधवों से मिलन हुआ। अपनी अद्यतन प्रकाशित पुस्तक (पेड़ों के मसीहा) की प्रतियां भी भेंट करने का सौभाग्य मिला ताकि दूर दराज के क्षेत्र तक प्रकृति संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त सकलानी के किए हुए कार्यों को नई पीढ़ी जान सके। व्यास पीठ को भी अपनी तीन अलग-अलग पुस्तक भेंट की।
कथा समापन अवसर पर की पूर्व प्रधानाचार्य बालकृष्ण नौटियाल, समाजसेवी और कृषक नेता वीरेंद्र सिंह नेगी, नगर पालिका परिषद चंबा की पूर्व अध्यक्ष सुमन रमोला और पी सी रमोला, मनोहर लाल सकलानी, राजेंद्र सिंह बिष्ट, देव सिंह बिष्ट, हुकम सिंह बिष्ट, प्रेम बल्लभ जोशी, गंगाधर प्रसाद जोशी, ब्लॉक प्रमुख थौलधार, उत्तरकाशी से आए हुए राष्ट्रीय संत दुर्गेश जी महाराज के अनेकों शिष्य क्षेत्र के गणमान्य लोग,ग्रामवासी उपस्थित रहे।
श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा आयोजक परिपूर्णानंद सकलानी, सच्चिदानंद सकलानी और शशि शेखर सकलानी ने समस्त श्रोताओं, बंधु- बंधावों, सहयोगियों, ग्रामवासियों और रिश्तेदारों का आभार प्रकट किया।
