भीषण बारिश के बावजूद पिरूल से बने “कालीन” पर हुआ भव्य मंचन, देहरादून समिति ने किया सम्मानित
दिनांक: 28 मई 2025
📍 स्थान: नई टिहरी व देहरादून
नई टिहरी।
“नवयुवक श्री रामकृष्ण लीला समिति 1952, टिहरी (पंजीकृत)” द्वारा 1952 की ऐतिहासिक रामलीला का पुनः आरंभ 2025 में सफलतापूर्वक किया गया। बारिश व तूफान से जलमग्न हुए मैदान को रामभक्तों ने पिरूल से कालीन की तरह ढककर मंचन योग्य बना दिया, जिससे आयोजन को नई ऊर्जा मिली। राम-भरत मिलाप और केवट लीला जैसे प्रसंगों में कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देहरादून रामलीला समिति के अध्यक्ष श्री अभिनव थापर ने कहा,
“1952 की टिहरी की रामलीला का पुनर्जीवन गढ़वाल की सांस्कृतिक धरोहर को संजीवनी देगा। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।”
समिति अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल “मोनू” ने बताया कि देहरादून की रामलीला से प्रेरणा लेकर इस आयोजन को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक शैली के समन्वय से प्रस्तुत किया गया।
सम्मान समारोह:
देहरादून से आए रामलीला समिति सदस्यों ने टिहरी समिति के सभी कलाकारों और आयोजकों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही श्री अभिनव थापर को विशेष अतिथि रूप में THDC के अपर GM श्री रविंद्र सिंह राणा द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
उपस्थित गणमान्य:
इस अवसर पर दुर्गा भट्ट, शशि पैन्यूली, डॉ. नितिन डंगवाल, सरिता जुयाल, गिरीश पैन्यूली, नीता बहुगुणा, महावीर उनियाल, कमल सिंह मेहर, गंगा भगत नेगी, सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन की रूपरेखा में निर्देशक अनुराग पंत, अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल, सचिव अमित पंत, आदि की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
