जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल ने राज्य निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, धांधली, अपहरण और गोलीकांड जैसी घटनाओं का किया उल्लेख
देहरादून, 18 अगस्त 2025।
उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल ने कहा कि इन चुनावों में राज्य निर्वाचन आयोग ने गैर-संवैधानिक आचरण किया और सत्ताधारी दल भाजपा ने खुलेआम गुंडागर्दी कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ध्वस्त किया।
ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत चुनाव समय पर न कराकर सात माह की देरी की गई, ताकि निकाय चुनाव लड़ चुके भाजपा समर्थक उम्मीदवार पंचायत चुनावों में भी भाग ले सकें। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने आरक्षण का चक्रीय क्रम तोड़कर मनमाने ढंग से सीटों का आरक्षण किया, जिसके खिलाफ कई लोग न्यायालय तक गए।
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त से पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद आयोग ने मनमाने आरक्षण पर चुनाव कराए। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख पदों पर भाजपा सरकार के दबाव में असंवैधानिक तरीके से आरक्षण थोपा गया।
ज्ञापन में कई गंभीर घटनाओं का भी जिक्र किया गया:
- रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान वोटिंग पेन बदलकर नतीजे प्रभावित किए गए।
- टिहरी व नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में विपक्षी प्रत्याशियों को सत्ता के दबाव से डराया-धमकाया गया।
- द्वाराहाट में दो महिलाओं (दीपा आर्या और वंदना लहरी) के परिजनों को अराजक तत्वों ने घर से उठाया, उल्टा महिलाओं के साथ गए लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए और पुलिस ने जीरो एफआईआर लेने से भी इनकार कर दिया।
- बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ।
- नैनीताल में निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का पुलिस के सामने अपहरण किया गया। कांग्रेस नेताओं सुमित हृदयेश और संजीव आर्य के साथ मारपीट की गई।
- कांग्रेस प्रत्याशी सीता देवी का नामांकन निर्वाचन आयोग ने खारिज किया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में वैध ठहराया।
कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पक्षपाती बताया और कहा कि आयोग ने यहां तक कि न्यायालय को भी गुमराह किया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि मतगणना में भी धांधली हुई और आधी रात को नतीजे घोषित कर दिए गए।
ज्ञापन में कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की कि वे राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार को निर्देशित करें कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो और भविष्य में चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हों।
ज्ञापन देने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश राणा, प्रदेश कांग्रेस सचिव सैयद मुसर्रफ अली, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, जिला उपाध्यक्ष सगुप्ता प्रवीन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
