जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक, प्रभावितों ने अनुदान राशि बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और राजमार्गों के समरेखण की रखी मांग।
टिहरी, 27 सितम्बर 2025।
जिला सभागार नई टिहरी में शुक्रवार को लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संघर्ष समिति की बैठक जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रभावितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने भूमि अधिपत्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वह पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति (R&R Act) के तहत ड्राफ्ट तैयार कर प्रभावित काश्तकारों के साथ साझा करें, ताकि आगे की कार्रवाई सुचारू रूप से हो सके।
प्रभावितों की प्रमुख मांगें
बैठक में उपस्थित काश्तकारों ने अपनी समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष रखीं और कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं—
- अनुदान राशि को बढ़ाकर बिना किसी कटौती के प्रदान किया जाए।
- प्रभावित परिवारों के बच्चों को वरीयता क्रम में परियोजना में रोजगार दिया जाए।
- परियोजना प्रभावितों की परिसंपत्तियों का शीघ्र सर्वेक्षण और मुआवजा भुगतान किया जाए।
- नई भूमि अधिग्रहण के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
- बांध परियोजना से पूर्ण प्रभावित राजस्व ग्रामों का विस्थापन किया जाए।
- बांध से प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली–यमुनोत्री एवं राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707-ए (त्यूणी–मलेथा) का समरेखण किया जाए।
- कृषि मजदूरी में वृद्धि और पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
- कम्पनी द्वारा बाहर किये गये युवाओं की बहाली की जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी ने प्रभावितों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने काश्तकारों से कहा कि वे अपने सभी इच्छुक बच्चों के शैक्षिक प्रमाणपत्र प्रशासन को उपलब्ध कराएँ, ताकि परियोजना में रोजगार की दिशा में प्राथमिकता दी जा सके।
उपस्थित सदस्य
बैठक में एडीएम अवधेश कुमार, एसडीएम धनोल्टी मंजू राजपूत, लखवाड़ बांध प्रभावित समिति के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र रावत, संयोजक महिपाल सजवाण, महासचिव प्रदीप कवि, सहित जयपाल राणा, शूरवीर रावत, बच्चन सिंह पुंडीर, अनिल पंवार, रमेश पंवार, अजीत चौहान आदि सदस्य उपस्थित रहे।
