स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक सार्थक पहल
टिहरी/दिनांक 13 अक्टूबर, 2025।
पूर्णानन्द स्टेडियम, मुनिकीरेती, टिहरी गढ़वाल में चल रहे सरस मेला-2025 के आठवें दिन सोमवार को क्रेता–विक्रेता सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य सी.एल.एफ. (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) से जुड़ी महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को नए बाजार और अवसर प्रदान करना था।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 25 क्रेताओं (Buyers) ने प्रतिभाग कर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया, जिससे यहाँ के उत्पादों को बेहतर बाजार पहचान मिल सके।
मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) टिहरी वरुणा अग्रवाल ने देशभर से आए क्रेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि —
“इस मंच के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को न केवल नए अवसर मिलेंगे, बल्कि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी। यहाँ के उत्पाद संस्कृति और परंपरा के प्रतीक हैं, जिन्हें देश–विदेश तक पहुँचाने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है।”
🏷️ क्रेताओं ने साझा किए अनुभव
नोएडा से आए अभिषेक (यू टर्न फॉर नेचर) ने बताया कि उनकी फर्म महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रोसेसिंग करती है। उन्होंने कहा कि—
“हमने पिछले पाँच वर्षों में महिलाओं की समस्याओं को करीब से देखा है, अब उनके साथ समाधान साझा कर रहे हैं। उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक हर स्तर पर सहयोग दे रहे हैं।”
भोपाल (मध्य प्रदेश) से आईं आकांक्षा ने कहा कि वे स्थानीय उत्पादों को मार्केट लिंक से जोड़ने में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि —
“हम उत्तराखंड से शहद खरीद रहे हैं, जो अत्यंत शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण है।”
वहीं गौरव ने बताया कि उनकी फर्म स्टील डेवलपमेंट सेक्टर में कार्यरत है और उन्होंने जिला प्रशासन को इस तरह के सम्मेलन आयोजन के लिए धन्यवाद दिया, जिससे “उत्तराखंड के उत्पादों को राज्य की सीमाओं से बाहर भी पहचान मिल रही है।”
शिवम ने कहा कि उनका संगठन कृषि तकनीकी नवाचार पर कार्य कर रहा है, ताकि किसानों के उत्पादन और आय में वृद्धि हो सके। मिट्टी जांच और कीट प्रबंधन जैसी सेवाओं से किसानों को आधुनिक तकनीकी सहायता मिल रही है।
🌿 स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान की राह
छत्तीसगढ़ से जाहनवी शाह ने हर्बल टी, दीपक वनियाल ने मशरूम, बुरांश व बेडू उत्पादों, फलक ने आयुर्वेदिक उत्पादों, धीरेंद्र ने पौधारोपण, शिखा ने लैवेंडर (एरोमेटिक प्लांट्स), सचिन ने ग्राम उद्योगों की समस्याओं और पैकेजिंग सुधार पर, पवित्र जोशी ने नेटल एवं हेंप की सप्लाई चेन और रमन शैली ने पहाड़ी उत्पादों के एकीकृत विपणन पर अपने विचार साझा किए।
रमन शैली ने कहा कि—
“यदि पहाड़ी उत्पादों को एक ही प्लेटफॉर्म पर रखा जाए तो टूरिस्ट प्रत्येक यात्रा में कोई न कोई स्थानीय उत्पाद अवश्य खरीदेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।”
🎯 सम्मेलन में मौजूद अधिकारी
कार्यक्रम में पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीडीओ मो. असलम, बीडीओ नरेंद्रनगर श्रुति वत्स सहित अनेक अधिकारी, क्रेता–विक्रेता एवं ग्रामीण महिला समूह उपस्थित रहे।
