देहरादून दौरे पर पीएम मोदी पर कांग्रेस का हमला: अंकिता भंडारी मामले पर चुप्पी को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर बोले—महिला आरक्षण पर भाषण, लेकिन न्याय के मुद्दे पर मौन; सरकार की मंशा पर सवाल
देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर ने प्रधानमंत्री के संबोधन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।
अभिनव थापर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की, लेकिन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और कथित वीआईपी को सजा दिलाने जैसे गंभीर विषय पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।
⚖️ CBI जांच और सरकार की मंशा पर सवाल:
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा हाईकोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दी गई शिकायत को पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नजरअंदाज कर दिया।
वहीं, अन्य मामलों में सरकार ने अपने स्तर पर सीबीआई जांच की घोषणा की, जिससे इस पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अब तक सीबीआई जांच के Terms of Reference (TOR) सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और कथित वीआईपी आज भी राजनीतिक पदों पर बने हुए हैं, जो मामले को और संदिग्ध बनाता है।
🗣️ “संवेदनशील मुद्दों से बच रही सरकार”:
अभिनव थापर ने कहा कि प्रधानमंत्री देहरादून आकर “मन की बात” तो करते हैं, लेकिन प्रदेश की अस्मिता से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दे—अंकिता भंडारी प्रकरण—पर एक शब्द भी नहीं बोलते।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मामले में जवाबदेही से बच रही है।
🔚 राजनीतिक माहौल गरम:
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है। थापर ने कहा कि उत्तराखंड की जागरूक जनता इस अन्याय को नहीं भूलेगी और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
