गेवंली में नमामि गंगे योजना के तहत जैविक आउटलेट का शुभारंभ, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार
टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने किया उद्घाटन, जैविक उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने और विपणन व्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर
जाखणीधार, गेवंली, टिहरी गढ़वाल, 11 जून 2026 | SKS News
जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड जाखणीधार अंतर्गत ग्राम सभा गेवंली में नमामि गंगे योजना के तहत स्थापित जैविक उत्पाद बिक्री केंद्र (जैविक आउटलेट) का शुभारंभ टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय द्वारा किया गया। यह आउटलेट नई उमंग कृषक उत्पादन संगठन, जाखणीधार के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय ने उपस्थित किसानों से अपने जैविक उत्पादों को आउटलेट के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे बिक्री केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान नई उमंग कृषक उत्पादन संगठन के अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने क्षेत्र के किसानों को जैविक उत्पादों के विपणन में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्पाद तैयार होने के बाद उचित बाजार उपलब्ध न होने से किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में यह आउटलेट किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
इस अवसर पर कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी पवन कुमार काला ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी तथा नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जैविक कृषि को बढ़ावा देने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विधायक किशोर उपाध्याय का आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आलोक येवले, डॉ. पंकज कुमार एवं डॉ. रीना जोशी, कृषि विभाग की सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 सुनीता शाह, सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-2 राजेश कुमार, सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-3 अंकुर कुमार, न्याय पंचायत प्रभारी कुमारधार शीतल राणा तथा कृषक उत्पाद संगठन एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।
स्थानीय किसानों ने आशा व्यक्त की कि जैविक आउटलेट के संचालन से उनके उत्पादों को नई पहचान मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।
