नशामुक्त विवाह के लिए ज्योति रमोला सम्मानित, "शराब नहीं संस्कार" मुहिम ने किया प्रशस्ति पत्र प्रदान
चम्बा पालिका अध्यक्ष शोभनी धनौला की भतीजी ने सादगीपूर्ण एवं शराब मुक्त विवाह कर समाज को दिया सकारात्मक संदेश
चम्बा, टिहरी गढ़वाल | SKS News
सामाजिक जागरूकता एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए कार्यरत “शराब नहीं संस्कार” मुहिम द्वारा नगर पालिका परिषद चम्बा की अध्यक्ष शोभनी धनौला की भतीजी एवं नवविवाहिता ज्योति रमोला को पूर्णतः नशामुक्त एवं सादगीपूर्ण विवाह आयोजित करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुहिम से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में विवाह समारोहों में शराब परोसना एक सामान्य प्रवृत्ति बनती जा रही है, जिसके कारण कई सामाजिक समस्याएं जन्म लेती हैं। ऐसे दौर में ज्योति रमोला एवं उनके परिवार द्वारा नशामुक्त विवाह का उदाहरण प्रस्तुत करना समाज के लिए प्रेरणादायक पहल है।
समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली पहल
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रतिनिधि लक्ष्मी ने कहा कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों को संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ज्योति रमोला और उनके परिवार ने जिस प्रकार बिना किसी नशे के विवाह सम्पन्न किया है, वह अन्य परिवारों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है।
विवाह जैसे पवित्र संस्कार में शराब का कोई स्थान नहीं : सुशील बहुगुणा
कार्यक्रम में मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि विवाह एक पवित्र संस्कार है और इसमें शराब का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्योति रमोला और उनके परिवार ने नशामुक्त विवाह कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है। यदि अधिक से अधिक परिवार इस प्रकार की पहल करें तो आने वाली पीढ़ियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है तथा स्वस्थ सामाजिक वातावरण का निर्माण संभव होगा।
यह सम्मान अच्छे संस्कारों का सम्मान है : शोभनी धनौला
नगर पालिका परिषद चम्बा की अध्यक्ष शोभनी धनौला ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों का सम्मान है जो सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध खड़े होकर अच्छे संस्कारों और सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त विवाह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं और युवाओं के लिए एक स्वस्थ उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
संस्कारों को प्राथमिकता देने का लिया निर्णय
नवविवाहिता ज्योति रमोला ने कहा कि उनके परिवार ने विवाह को केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि एक संस्कार के रूप में सम्पन्न करने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा का कारण बन रहा है तथा लोग नशामुक्त विवाह की अवधारणा को सकारात्मक रूप से स्वीकार कर रहे हैं।
पारिवारिक मूल्यों को दिया महत्व
ज्योति रमोला की माता कविता रमोला ने कहा कि बेटी के विवाह में परिवार ने संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि शराब मुक्त विवाह के कारण समारोह की गरिमा बनी रही और सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना की।
नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम में उपस्थित सुमेर चन्द रमोला एवं अनुपमा रमोला सहित अन्य लोगों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि नशामुक्त विवाह समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे परिवारों को सम्मानित करने का संकल्प व्यक्त किया, जो नशामुक्त सामाजिक आयोजनों को बढ़ावा देकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प भी लिया।
